प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में स्थित ब्वायज हाईस्कूल एंड कॉलेज के जिम्नास्टिक हॉल से ठेकेदार के बेटे का अपहरण कर भाग रहे अपहर्ता ने भदोही के सुरियावा इलाके में मुठभेड़ के बाद खुद को गोली मार ली। उसे पुलिस की भी गोली लगी थी।
पुलिस उसे अस्पताल ले गई, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उसके पास से अपहृत बच्चा सकुशल बरामद हो गया। बच्चे के अपहरण से सिविल लाइंस इलाके में हड़कंप मच गया था। क्राइम ब्रांच समेत एक दर्जन टीमों को खोजबीन में लगाया गया था।
अल्लापुर में रहने वाले अभिषेक सिंह एडीए समेत कई विभागों में ठेकेदारी करते हैं। उनका बेटा रणवीर सिंह सेंट जोसेफ कॉलेज में कक्षा एक का छात्र है। वह बीएचएस स्थित जिम्नास्टिक हॉल में शाम को जाता था।
मंगलवार की शाम भी ड्राइवर वीरेंद्र कुमार ठेकेदार के बेटे रणवीर को लेकर बीएचएस पहुंचा। अंदर हॉल में छोड़ने के बाद वह चला गया। करीब सवा छह बजे हॉल में अभिषेक का पुराना ड्राइवर संजय यादव निवासी कटका झूंसी पहुंचा, जिसे कुछ महीनों पहले अभिषेक ने नौकरी से निकाल दिया था।
कोच अभिलाष और रणवीर उसे अच्छी तरह जानते थे। उसने कहा कि बुधवार को रणवीर का बर्थडे है, शापिंग करानी है। इसके बाद वह लाल रंग की कार से रणवीर को लेकर चला गया। इसके कुछ देर बाद संजय ने ड्राइवर वीरेंद्र को फोन किया और कहा कि वह रणवीर को लेकर जा रहा है।
शाम को अभिषेक के मोबाइल पर फोन आया कि रणवीर का अपहरण हो गया है। उसकी जान की सलामती चाहते हो तो तीन करोड़ का इंतजाम कर दो। अभिषेक के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह पत्नी अमिता को लेकर तुरंत बीएचएस की ओर भागे। एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव समेत तमाम अधिकारी पहुंच गए।
जिस मोबाइल से अभिषेक को फोन गया था, क्राइम ब्रांच को उसकी लोकेशन मिली तो टीम तुरंत निकल गई। रात में उसकी लोकेशन भदोही के सुरियावां में मिली तो क्राइम ब्रांच की टीम वहां पहुंच गई।
सर्विलांस लोकेशन के आधार पर पुलिस को अपहर्ता की गाड़ी भी मिल गई। पुलिस के मुताबिक दोनों ओर से पुलिस से घिरता देखकर अपहर्ता ने फायरिंग की। जवाबी फायरिंग की गई।
संजय के पैर में गोली लगी। इसके बाद अपहर्ता संजय ने खुद को कनपटी के पास गोली मार ली। कार से रणवीर सकुशल बरामद हो गया। अपहर्ता को लेकर पुलिस अस्पताल गई और बच्चे को तुरंत प्रयागराज लाया गया।