विशेष न्यायालय एमपीएमएलए ने पूर्व सांसद अतीक अहमद पर 2016 में धूमनगंज क्षेत्र में हुई जितेेंद्र कुमार उर्फ मुन्ना की हत्या के मामले में बलवा करने, सशस्त्र विधि विरुद्ध जमाव और हत्या तथा आपराधिक षडयंत्र का आरोप तय कर दिया है। इसी प्रकार से 25 सितंबर 2015 को मरियाडीह में अलकमा और सुरजीत की हत्या के मामले भी कोर्ट ने बलवा करने, विधि विरुद्ध जमाव और हत्या व आपराधिक षड्यंत्र के आरोप तय किए हैं। सुनवाई स्पेशल कोर्ट जज आलोक कुमार श्रीवास्तव ने की।
11 जुलाई 2016 को जितेंद्र कुमार की राजरूपपुर से एनसीआर की ओर जाते समय रास्ते में रोक कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक की मां सूरजकली ने अतीक अहमद और उनके दर्जनों साथियों के खिलाफ धूमनगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए विशेष न्यायालय ने सामान्य आशय से विधि विरुद्ध जमानत, असलहे से लैस होकर एकत्रित होने, हत्या की धमकी देने और आपराधिक षडयंत्र के आरोपों में आरोप तय किए गए हैं।
अलकमा सुरजीत के मामले में आरोप है कि 25 सितंबर 2016 को अतीक अहमद ने वादी मुकदमा अबिद की फार्च्युनर गाड़ी से अपने साथियों के साथ मिलकर दोनों की हत्या कर दी। इस मामले में भी अवैध असलहों से लैस होकर हमला करने, बलवा करने और विधि विरुद्ध जमाव तथा आपराधिक षडयंत्र के आरोपों में आरोप तय किए गए हैं। सुनवाई के दौरान अभियुक्त की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी की गई।
नंदी हमला मामले में प्रथम विवेचक की हुई गवाही
वर्ष 2010 में कबीना मंत्री नंदगोपाल गुप्ता पर रिमोट बम से हमला किए जाने के मामले में सोमवार को मामले के प्रथम विवेचक एके निगम की मुख्य परीक्षा की गई। इस दौरान मुकदमे से संबंधित साक्ष्य कोतवाली माल खाने से लाकर पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से जिरह के लिए 28 जुलाई को अगली तारीख लगाई गई है। एक अन्य मामले में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ चल रहे दोहरे हत्याकांड के मुकदमे में मुख्तार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेश किया गया। मुकदमे में बहस के बाद शेष बहस के लिए 26 जुलाई की तिथि नियत की गई है।