त्रिवेणी बांध स्थित आदि शंकर विमान मंडपम् मंदिर का चार दिनी ‘श्री कुंभाभिषेकम् महोत्सव’ बृहस्पतिवार से आरंभ हुआ। दक्षिण और उत्तर भारत के 101 बटुकों के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोचार के बीच हवन मंडप में देवी-देवताओं का आह्वान करते हुए उनका पूजन-अर्चन किया गया।
बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल राम नाईक ने आदिशंकर विमान मंडपम् की महिमा बखानी। कहा, इसके भूचुंबकत्व में अद्भुत आकर्षण है। कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निश्चित तौर पर यह मंदिर मोती जैसा चमकेगा। यह कुंभ दक्षिण भारत की बुद्धि और उत्तर भारत की शक्ति के संगम से अलौकिक होगा। इससे पहले उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र सरस्वती के सानिध्य में विधिवत हवन-पूजन किया।
राज्यपाल ने कुंभ पर्व की तैयारियों को लेकर केंद्र और प्रदेश की पहल को सराहा। कहा, संभवामि युगे-युगे के सूत्र को पीएम मोदी और सीएम योगी ने चरितार्थ किया है। पीएम मोदी ने योग एवं कुंभ दोनों को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर स्थापित किया। पिछले कुंभ में अव्यवस्था से कई मौतें हुई थीं, लेकिन इस बार शासन-प्रशासन ने सभी स्तर पर तैयारियां की हैं। हमें चरैवेति-चरैवेति के संकल्प के साथ दुनिया भर से आने वाले अतिथियों का स्वागत करते हुए आगे बढ़ते रहना है। विशिष्ट अतिथि काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय ने कहा, प्रयागराज कुंभ मेले के लिए तैयार है। इसकी शुरुआत ‘श्री कुंभाभिषेकम् महोत्सव’ से हुई है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्ता ‘नंदी’, सांसद श्यामाचरण गुप्त, विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव राम सेवक गिरि, डॉ. शांति चौधरी, सुंदरेशन, वीएस सुब्रह्मण्यम ‘मणि’, के. विक्रम राव, सुंदरमूर्ति, सीआर गायत्री, ब्रजेंद्र मिश्र, फूलचंद्र दुबे, रामनरेश तिवारी पिंडीवासा आदि मौजूद थे। डॉ. अविनाश श्रीवास्तव ने संचालन, जबकि संयोजक राकेश कुमार शुक्ला ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
महोत्सव का तीसरा चरण सांगीतिक प्रस्तुतियों से समृद्ध हुआ। राजेंद्र प्रसन्ना ने बांसुरी पर राग यमन में भगवान कृष्ण की स्तुति करते हुए शहनाई से मंगलाचरण किया। उनके साथ तबला पर पंडित ललित कुमार, बांसुरी में मोहन सैनी, शहनाई पर सुनील प्रसन्ना, ओमप्रकाश ने संगत किया। इसी क्रम में भूपेंद्र शुक्ला ने मनोहारी भजनों से शाम सजाई तो जया प्रभा मेनन का मोहिनीअट्टम तथा आनंद किशोर एवं दल की ओर से सोहर तथा ढेड़िया की प्रस्तुतियां भावविभोर करती रहीं।