याची अनुग्रह नारायण सिंह का कहना है कि विपक्षी ने सरकारी संपत्ति को अपनी संपत्ति बताया है और 22 करोड़ की संपत्ति को साढ़े तीन करोड़ दिखाया है। यह भी आरोप है कि पिछले 2017 के नामांकन से भिन्न जानकारी इस वर्ष दी गई है। उन पर लोन बकाया है, लेकिन बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से अदेय प्रमाणपत्र प्राप्त किया है।
इलाहाबाद शहर उत्तरी के भाजपा विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी के चुनाव की वैधता को कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। चुनाव याचिका वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेन्द्र व रवीन्द्र सिंह के जरिए दाखिल की गई। याचिका में विधायक बाजपेयी पर चुनाव आयोग को अपनी शैक्षिक योग्यता, संपत्ति, बैंक लोन को लेकर झूठा हलफनामा दाखिल करने का आरोप लगाया गया है।
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याची अनुग्रह नारायण सिंह का कहना है कि विपक्षी ने सरकारी संपत्ति को अपनी संपत्ति बताया है और 22 करोड़ की संपत्ति को साढ़े तीन करोड़ दिखाया है। यह भी आरोप है कि पिछले 2017 के नामांकन से भिन्न जानकारी इस वर्ष दी गई है। उन पर लोन बकाया है, लेकिन बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से अदेय प्रमाणपत्र प्राप्त किया है। साथ ही एक ही साल में दो डिग्रियां हासिल की हैं। यह सब करप्ट प्रैक्टिस की श्रेणी में आता है। याचिका में झूठा हलफनामा दाखिल करने के कारण चुनाव रद करने की मांग की गई है।