मुख्य न्यायमूर्ति द्वारा पीठ नामित किए जाने के बाद मामले को पेश किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता ने स्वामी चिन्मयानंद की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। हालांकिए कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि पांच मई तय कर दी है।
पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के मामले में सुनवाई करने से हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता की एकल पीठ ने अपने आप को अलग कर लिया है। पीठ ने कहा है कि मामले को दूसरी पीठ के समक्ष पेश करने से पहले याचिका को मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष प्रस्तुत? किया जाए।
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मुख्य न्यायमूर्ति द्वारा पीठ नामित किए जाने के बाद मामले को पेश किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता ने स्वामी चिन्मयानंद की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। हालांकिए कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि पांच मई तय कर दी है। स्वामी चिन्मयानंद अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दाखिल की है।