शनिवार सुबह से शुरू होंगे अनुष्ठान
वासंतिक नवरात्रि के अनुष्ठान शनिवार की सुबह आरंभ होंगे। इस बार सनतनधर्मी परिवारों में घर-घर कलश स्थापना की तैयारी की गई है। कलश, नारियल और अन्य पूजन सामग्री जुटाई जा रही है। इसके लिए घरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ज्योतिषाचार्य पं ब्रजेंद्र मिश्र के मुताबिक इस बार मां दुर्गा की की आराधना से भक्तों के हर संकल्प पूरे होंगे। मुहूर्त में कलश स्थापना कर मां दुर्गा की आराधना शुरू करनी चाहिए।
पालनहारिणी मां दुर्गा की नौ दिवसीय उपासना के फलित इस बार शुभ और मंगलकारी है। ऐसे में सुख-समृद्धि की प्राप्ति के योग बनेंगे। इस नवरात्र में भक्तों को अपनी क्षमता के अनुसार मां को पुष्प, फल और उनके प्रिय भोग अर्पित कर आराधना करनी चाहिए। नवरात्र की आराधना के लिए घर-घर में तैयारियां की गई हैं।
कलश स्थापना का मुहूर्त
मेष लग्न में प्रात:काल 6:38 से 8:16 बजे तक
मिथुन लग्न में 10:30 से 12:31 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: 11:36 से 12:24 बजे तक
स्थिर सिंह लग्न में मध्याह्न 2:50 से 5:06 बजे तक
(ध्यान रहे सुबह 9 बजे से 10:30 बजे तक राहुकाल है। ऐसे में इस अवधि में कलश स्थापना न करें। )
Prayagraj News : अलोप शंकरी मंदिर।
- फोटो : प्रयागराज
नवरात्र की तैयारियों को लेकर महापौर ने मंदिरों का किया निरीक्षण
शनिवार से आरंभ हो रहे नवरात्र को देखते हुए मंदिरों में शुक्रवार की सुबह से ही तैयारियां जोरों पर रही। नवरात्र को देखते हुए महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने विभिन्न मंदिरों में पहुंच कर वहां की व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिरों के आस-पास व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। जिससे आने वाले श्रद्धालुुओं को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े।
नवरात्र पर मंदिरों क्षेत्र की व्यवस्था का निरीक्षण के दौरान महापौर ने कल्याणी देवी मंदिर, ललिता देवी मंदिर, कालीबाड़ी तथा अलोपशंकरी मंदिर के आसपास व लिंक मार्गों एवं परिसर का निरीक्षण किया। इसके बाद वह पजावा रामलीला कमेट के बाहर फुटपाथ पर लगे लोहे के ग्रिल का निरीक्षण किया।
महापौर ने ग्रिल को हटवाने का निर्देश दिया। इस दौरान कई वार्ड के पार्षद, अपर नगर आयुक्त मुशीर अहमद, महाप्रबंधक जलकल हरिश्चंद्र वाल्मीकी, जोनल अधिकारी संजय मंगई, पशुधन अधिकारी डॉ. विजय अमृत राज, अधिशासी अभियंता सतीश वर्मा, सहायक अभियंता एसके सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
देवी मंदिरों में प्रथम शैलपुत्री का शृंगार, सजे मोहक दरबार
वासंतिक नवरात्र की आराधना के लिए शहर के देवी मंदिरों में नौ दिन तक उत्सव का माहौल रहेगा। इसके लिए आधी रात के बाद से ही शक्तिपीठ मां अलोपशंकरी, मां ललिता देवी और मां कल्याणी देवी मंदिरों को भव्य सजा दिया गया। शनिवार को नवरात्र की प्रतिपदा को मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की झांकियां सजाई जाएंगी। भोर से ही मां के दर्शन -पूजन के लिए भक्तों का तांता लग जाएगा।
मीरापुर स्थित शक्तिपीठ मां ललिता देवी के मंदिर में शुक्रवार की रात को ही झांकी सजाने का काम शुरू हो गया। गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा के अलावा बेला के फूलों से चुन-चुन कर मां के गर्भगृह से लेकर परिसर तक को सजाया गया। पुजारी शिवमूरत मिश्र के मुताबिक पांच बजे भोर मं मंगला आरती होगी। इसी के साथ आम भक्तों के लिए मां के पट खोल दिए जाएंगे। प्रथम दिन मां ललिता देवी की मां शैलपुत्री के रूप में झांकी सजाई जाएगी।
इसी तरह शक्तिपीठ मां कल्याणी देवी के दरबार में भी शुक्रवार की रात से ही भक्त मां की शृंगार झांकी सजाने में जुट गए। शनिवार की सुबह पांच बजे मंगला आरती के साथ ही मंदिर के पट खोले जाएंगे। इसी के साथ दोपहर एक बजे तक भक्त मां के दर्शन करेंगे। शाम छह बजे से रात 12 बजे तक भव्य नूतन शृंगार का दर्शन नवदुर्गा के स्वरूप में होगा। इस दौरान वृंदावन से आए संत राजेंद्र महाराज संगीतमय रामकथा की अमृत वर्षा करेंगे। मंदिर समिति के अध्यक्ष पं. सुशील पाठक के मुताबिक विश्व कल्याण की कामना से 11 वैदिक आचार्यों के सस्वर मंत्रोच्चार के शतचंडी यज्ञ भी किया जाएगा।