स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत शहर पर सीसीटीवी से नजर रखी जाएगी। शहरी विकास मंत्रालय के अपर सचिव डॉ. समीर शर्मा ने इसके माध्यम से सिटी सर्विलांस सिस्टम विकसित करने का खाका प्रस्तुत किया। शनिवार को हुई समीक्षा बैठक में अन्य शहरों की सफल योजनाओं को भी यहां शामिल करने निर्देश दिया। उन्हाेंने कई योजनाओं का निरीक्षण भी किया।
अपर सचिव ने क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्मार्ट कंट्रोल रूम तथा इसके आसपास सार्वजनिक वीडियो वॉल विकसित करने पर भी चर्चा। ताकि, केंद्रीयकृत रूप से शहर के हर क्षेत्र की कानून व्यवस्था तथा जनसुविधाआें पर नजर रखी जा सके। इसी तर्ज पर कुंभ क्षेत्र में भी नजर रखने की योजना पर चर्चा हुई। इसके लिए उन्हाेंने बड़ोदरा का उदाहरण दिया। अपर सचिव ने यातायात के दबाव और जाम पर नियंत्रण के लिए बाइकिंग के माध्यम से गति को बढ़ावा देने की बात कही। विशाखापट्टनम नगर की तर्ज पर स्मार्ट कैंपस तथा दिव्यांगों और बच्चों के लिए एबिलिटी पार्क की अवधारणा प्रस्तुत की। अपर सचिव ने कई अन्य योजनाओं पर चर्चा की। इसी क्रम में मंडलायुक्त डॉ.आशीष कुमार गोयल ने बताया कि स्मार्ट सिटी के मानकों पर 25 करोड़ जंक्शन विकसित किए गए हैं। पेंट माई सिटी योजना शुरू की गई है। इसके तहत प्रमुख मार्ग की दीवारों, पुल, पानी के ओवरहेड टैंक आदि स्थानों पर म्यूरल बनाए जाएंगे। उन्हाेंने बताया कि सड़क के किनारे की उपेक्षित स्थानों को बहुउपयोगी क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना शामिल है। स्मार्ट सिटी की अन्य योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक एसएन साबत, आईजी रेंज रमित शर्मा, कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद, एडीए के उपाध्यक्ष भानुचंद्र गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
अपर सचिव की समीक्षा बैठक में कुंभ में सफाई व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि कुंभ-2019 में 25 हजार फाइबर तथा 40 हजार टेंट के शौचालय बनाए जाएंगे। 20 हजार से अधिक यूरिनल बनाए जाएंगे। ठोस कचरा के एकत्रीकरण के लिए 12 हजार से अधिक डस्टबिन रखी जाएगी। मेला क्षेत्र के 20 सेक्टर में 40 काम्पैक्टर, 120 टाटा एस. वाहन से कचरा निस्तारण किया जाएगा। आने वाले दिनों में शहरियों को इंटरनेट के उपयोग के लिए जेब हल्की नहीं करनी पड़ेगी। स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत वाईफाई की सुविधा मिलेगी। अपर सचिव की बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा हुई।