केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों में पढ़ाई के साथ ही सवालों के तरीके में भी बदलाव किया गया है। बच्चों की पढ़ाई सिर्फ स्कूल में अंक और ग्रेड तक ही सीमित न रहे, विषय पर भी बच्चों की पकड़ हो, इसलिए पढ़ाई के साथ परीक्षा पैटर्न में भी बदला है।
सीबीएसई ने नए सत्र के लिए प्रतियोगी परीक्षा पर आधारित असेसमेंट लागू किया है। इसमें अलग-अलग कक्षा के हिसाब से छात्र-छात्राओं का असेसमेंट किया जाएगा। इसके तहत छात्रों की पढ़ाई के साथ उनके आउट ऑफ क्लास परफार्मेंस का भी आंकलन होगा। बोर्ड की ओर से यह बदलाव छात्रों की रचनात्मकता बढ़ाने और उनमें तार्किक सोच विकसित के लिए किया गया है। इसके साथ ही लर्निंग आउटकम को सुधारने, मूल्यांकन के लिए अपनाई जाने वाली प्रणाली को भी संशोधित किया गया है। बोर्ड का कहना है कि बदलाव से बच्चों में रचनात्मकता बढ़ेगी और रटने की आदत से मुक्ति मिलेगी। अब परीक्षा में एक तिहाई ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे। 20 फीसदी प्रश्न वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। बाकी सवाल लघु और दीर्घ उत्तरीय होंगे। बहुविकल्पीय में खाली स्थान भरो, सही मिलान और सही-गलत फॉर्मेट में सवाल होंगे।
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के अनुसार अभी तक केस स्टडी बेस्ड प्रश्न नहीं होते थे। सिर्फ एक विषय बिजनेस स्टडी में ही कुछ प्रश्न केस स्टडी बेस्ड होते थे। मगर, अब इसे सभी विषयों के लिए अनिवार्य कर दिया है। सभी विषय में 50 फीसदी केस स्टडी वाले प्रश्न ही होंगे।