सीबीआई टीम और जिले के आला अधिकारियों के साथ मीटिंग के दौरान महंत की मौत का केस सीबीआई को हैंडओवर कर दिया गया। एसआईटी ने केस से संबंधित पूरे दस्तावेज केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिए। एसआईटी प्रमुख ने खुदकुशी वाले दिन से लेकर लेकर अब तक के पूरे घटनाक्रम से सीबीआई को अवगत कराया। जांच और विवेचना के दौरान जिन लोगों से पूछताछ की गई, उसका ब्योरा भी सीबीआई को उपलब्ध करा दिया गया।
सीबीआई के आईजी वीके चौधरी और मुख्य जांच अधिकारी केएस नेगी के आने के बाद पुलिस लाइन में शनिवार दोपहर 12 बजे से जिले के आला अधिकारियों और एसआईटी सदस्यों के साथ मीटिंग शुरू हुई। इसके साथ ही एफआईआर की मूल कापी, केस डायरी और विवेचक डायरी सीबीआई को सौंप दी गई। मामले में आरोपी बनाए गए आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी के बयान और पुलिस की पूछताछ के सारे ब्योरे भी सीबीआई को सौंपे गए। मठ के सेवादारों के बयान और इस केस से जुड़े अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के साथ विवेचक का लिखित बयान भी सौंपा गया।
विवेचक ने शुक्रवार को अदालत की अनुमति लेकर नैनी जेल में आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी से पूछताछ की थी। पूछताछ का पूरा ब्योरा टीम को उपलब्ध करा दिया गया। इसके साथ ही एसआईटी प्रमुख अजीत सिंह चौहान और टीम के अन्य सदस्यों ने खुदकुशी वाले दिन से लेकर अब तक के सारे घटनाक्रम से टीम को अवगत कराया। एडीजी, आईजी और डीआईजी ने भी केस से संबंधित अपनी राय सीबीआई को बताई। तीनों आरोपियों के मोबाइल की जांच भी पुलिस ने की थी। नरेंद्र गिरि के मोबाइल कॉल डीटेल्स और तथा अन्य डाटा भी सौंप दिया गया। सीबीआई ने एसआईटी के अधिकारियों से केस से संबंधित कई प्रश्न भी पूछे। डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने बताया कि सीबीआई टीम को केस हैंडओवर कर दिया गया है। टीम ने जांच शुरू कर दी।