अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई दो घटनाओं में कैट कर्मचारी भोलानाथ भट्टाचार्या समेत दो लोगों ने फांसी लगाकर जान दे दी। पहली घटना धूमनगंज तो दूसरी घटना अल्लापुर में हुई जिसमें प्रतियोगी छात्र ने खुदकुशी की। दोनों के परिवारवाले वजह नहीं बता सके। पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुटी रही।
राजरूपपुर के कालीबाड़ी के पास रहने वाले भोलानाथ कैट(केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण) में सीनियर क्लर्क के पद पर तैनात थे। परिवार में पत्नी मीनाक्षी व दो बच्चे हैं। पुलिस के मुताबिक, पत्नी ने बताया कि रोज की तरह मंगलवार रात भी खाना खाने के बाद सभी सो गए। भोर में तीन बजे के करीब उनकी नींद खुली तो पति कमरे में नहीं थे।
कुछ देर इंतजार करने के बाद वह नीचे के कमरे में आईं तो वहां का नजारा देख चीख पड़ीं। पति फांसी पर लटके हुए थे। शोरगुल पर पड़ोसी भी आ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। जिसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि पत्नी कोई वजह नहीं बता पाईं। किसी झगड़े की बात से भी उन्होंने इंकार किया।
फांसी पर लटका मिला प्रतियोगी छात्र
अल्लापुर स्थित पूरा दलेल में रहने वाला अनुराग मिश्रा(28) बुधवार सुबह फांसी पर लटका मिला। मूल रूप से उतरांव के भियुरा गांव निवासी अनुराग के पिता राजदेव मिश्रा का निधन हो चुका है। घर में मां विद्या देवी व छोटा भाई व बहन हैं। वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता था। रोज की तरह बुधवार सुबह भी मां नौकरी करने चली गई। जबकि छोटा भाई बाजार गया था।
लौटकर आने पर वह ऊपर स्थित कमरे में गया तो दरवाजा बंद मिला। बहुत देर तक खटखटाने के बाद भी जवाब नहीं मिला तो किसी तरह उसने भीतर झांका। जिस पर अनुराग फांसी पर लटका दिखा। सूचना पर पुलिस पहुंची और जांच पड़ताल के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इंस्पेक्टर ने बताया कि मृतक नशा भी करता था। उसने खुदकुशी क्यों की, इस बारे में घरवाले भी कुछ बता नहीं पाए।