केंद्र सरकार की ओर से कैशलेस स्कीम को बढ़ावा दिए जाने के बाद स्कूलों में अभिभावकों पर ऑनलाइन फीस जमा करने दबाव बना है। कैशलेस फीस के नाम पर स्कूल वाले अभिभावकों से मनमाना सर्विस चार्ज वसूल रहे हैं। स्कूलों में डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड से फीस जमा करने पर 1.4 फीसदी सर्विस चार्ज लिया जा रहा है। बच्चे के भविष्य को देखते हुए अभिभावक भी इस मनमानी का विरोध नहीं कर पा रहे हैं।
शहर के अधिकांश स्कूलों ने जनवरी की फीस अभिभावकों से कैशलेस जमा करने को कही। अभिभावक चेक से फीस भुगतान करने स्कूल पहुंचे तो वहां उन्हें डेबिट अथवा क्रेडिट कार्ड से फीस जमा करने को कहा गया। कार्ड से फीस जमा करने पर 1.4 से 1.3 फीसदी सर्विस चार्ज कट रहा है। जबकि अभिभावकों को मिलने वाली रसीद में सर्विस चार्ज का उल्लेख तक नहीं है। इस लिहाज से फीस के अलावा खाते से 85 से लेकर 150 रुपये तक कट जा रहे हैं। ऑनलाइन शुल्क जमा करने पर भी अभिभावकों के खाते से ही पैसा कट रहा है। यह हाल शहर के अधिकांश स्कूलों में देखने को मिल रहा है। इस बारे में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्कूल सरकार के बार-बार कहने के बाद भी मनमाने तरीके से सर्विस चार्ज वसूल रहे हैं।
अभिभावकों के दबाव के बाद ले रहे चेक से फीस
शहर के अधिकांश स्कूलों में जनवरी में तीन महीने की फीस जमा करवाई गई। जनवरी में अभिभावकों पर दबाव बनाया गया कि वह कैशलेस शुल्क जमा करें। अभिभावकों की ओर से दबाव बनाए जाने के बाद आखिरकार स्कूल प्रशासन ने चेक और बैंक ड्राफ्ट से शुल्क लेना शुरू किया गया।