बैठक में कर्मचारियों ने घटना की निंदा की
एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर बिजली अभियंताओं ने हाइडिल कॉलोनी के सभागार में बैठक की। इस दौरान एमएलसी और उनके समर्थकों की ओर से की गई मारपीट की घटना की निंदा की गई। साथ ही बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे छापामारी अभियान के अलावा राजस्व वसूली अभियान, बकायेदारों के कनेक्शन काटने के अभियान रोक दिए गए।
राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव विजय प्रताप तिवारी ने इस घटना को बेहद अफसोसजनक बताया। उन्होंने चेताया कि अगर शाम तक एफआईआर दर्ज नहीं की जाती तो अभियंता बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान किसी भी तरह के फाल्ट की मरम्मत नहीं की जाएगी। साथ ही बिलिंग और अन्य कार्यों को भी स्थगित कर दिया गया।
इसी तरह राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के बैनर तले जेई संवर्ग के अभिंताओं ने भी बैठक कर मारपीट की घटना के लिए जिम्मेदार एमएलसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी करने के लिए आवाज उठाई। जूनियर इंजीनियरों ने भी एक स्वर से कहा कि एमएलसी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह काम नहीं करेंगे।
उधर, उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी यूनियन भी इस आंदोलन में कूद गई है। यूनियन के संयोजक जवाहर लाल विश्वकर्मा ने कहा कि जबतक एफआईआर दर्ज नहीं हो जाती, तबतक कर्मचारी फील्ड में नहीं जाएंगे। फिलहाल एफआईआर दर्ज न होने से अभियंताओं और कर्मचारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
पिटाई प्रकरण पर मंडलायुक्त से फिर मिले मुख्य अभियंता, मिला आश्वासन
एक्सईएन की पिटाई प्रकरण में वस्तुस्थिति की जानकारी लेने के लिए शनिवार की शाम मुख्य अभियंता विनोद गंगवार ने मंडलायुक्त संजय गोयल से मुलाकात की। इस घटना को लेकर बिजली विभाग के अफसरों की 24 घंटे के भीतर मंडलायुक्त से यह दूसरी मुलाकात थी। इस दौरान मंडलायुक्त ने डीएम संजय खत्री से भी वार्ता की और इस प्रकरण में कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस दौरान मुख्य अभियंता के साथ अधीक्षण अभियंता आरके सिंह और अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार भी थे।