कोर्ट एमपी-एमएलए ने भाजपा के विधायक प्रवीण पटेल के खिलाफ आचार संहिता के तहत दर्ज मुकदमे में अभियोजन द्वारा मुकदमा वापसी की अर्जी मंजूर कर मुकदमा समाप्त कर दिया है। उनको अपराध से दोषमुक्त कर दिया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज डॉ. बालमुकुंद ने सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार गुप्ता और विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह को सुन कर दिया है।
उत्तर प्रदेश शासन की ओर से डीएम को मुकदमा वापस लेने का निर्देश दिया गया था, जिसे वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी श्याम धर द्विवेदी ने स्पेशल कोर्ट में प्रस्तुत किया। इसमें यह मांग की गई थी कि विधायक प्रवीण पटेल के विरुद्ध विचाराधीन मुकदमे को वापस लेने की अनुमति प्रदान की जाए। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस मामले में जनता को किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है, इसलिए शासन को यह मुकदमा वापस लेने की अनुमति दी जाती है।
घटना 16 फरवरी 2017 की सराय इनायत थाने की है। विधानसभा चुनाव के दौरान एसडीएम फूलपुर की उड़नदस्ता टीम ने ग्राम ककरा दुर्वासा आश्रम परिसर में भाजपा प्रत्याशी प्रवीण पटेल को माइक व कुर्सी लगाकर सभा करते पाया था, जिसमें आचार संहिता के उल्लंघन की धारा में मुकदमा दर्ज कराया था। उत्तर प्रदेश शासन ने इस मुकदमे को जनहित में वापस लिए जाने का निर्णय लिया था।