इलाहाबाद। जार्जटाउन लिडिट रोड के रहने वाले वरिष्ठ वकील सत्य प्रकाश श्रीवास्तव की बहू के अस्थि विसर्जन के दौरान मंगलवार शाम किला घाट पर हादसा हो गया। अस्थि विसर्जन के लिए 18 लोगों को संगम लेकर जा रही मोटर बोट यमुना में समा गई। बोट में सवार सभी 18 लोग डूबने लगे। नाविकों और बोट पर बैठे लोगों ने ही एक दूसरे को मदद कर बचाया लेकिन तीन का कुछ पता नहीं चला। मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने तलाश में गोताखोर उतारे। यमुना में डूबे तीनों लोगों के रात में शव मिल गए। हादसे में जान गंवाने वालों में से दो हाईकोर्ट के वकील हैं। हादसा विधायक अनुग्रह नारायण सिंह समेत कई वरिष्ठ वकीलों की आंखों के सामने हुआ।
पुलिस के मुताबिक सत्य प्रकाश श्रीवास्तव के बेटे संदीप की पत्नी किन्नरी (36) का लंबी बीमारी के बाद पांच मई को मुंबई में देहांत हो गया था। उनकी अस्थियां विसर्जित करने के लिए सत्य प्रकाश के साथ के कई जूनियर वकील और परिवार के लोग मंगलवार शाम 5.30 बजे किला घाट पहुंचे थे। सत्य प्रकाश, उनकी पत्नी माधुरी, बेटा संदीप, पोती आयुषी, पोता आदी, स्मृति, प्रकाश चंद्र दुबे, देव दयाल, माता प्रसाद, बच्चा त्रिपाठी, स्वर्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ सुशील, अजय कुमार और शंकर मौर्य समेत 18 लोग जल निगम द्वितीय खंड की मोटर बोट में सवार हो गए। नाव में दस ही लोगों के बैठने की जगह थी।
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक अतिरिक्त लोगों से उतरने के लिए बोट आपरेटर बार-बार अनुरोध करता रहा। मजबूरी में वह बोट स्टार्ट करने लगा। कुछ लोग डेक पर चढ़ गए थे। बोट स्टार्ट नहीं हुई तो लोगों ने पीछे से धक्का दिया। बोट घाट से 25 से 30 मीटर ही बढ़ पाई थी कि आगे की ओर झुकने लगी। देखते ही देखते पूरी बोट यमुना में समा गई। मौैके पर चीख पुकार मच गई। लोग शोर मचाने के लिए। गनीमत रही कि आसपास कई नाविक मौजूद थे।
सभी ने छलांग लगा दी। बोट आपरेटर समेत 15 लोग तो निकाल लिए गए लेकिन अजय, सुशील और शंकर का कुछ पता नहीं चला। अजय और सुशील वकील हैं। शंकर वकील सत्य प्रकाश के घर पर रहते थे। मौके पर एसपी सिटी राजेश यादव, एडीएम सिटी एसके शर्मा, सीओ दारागंज अलका भटनागर, इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह, जल पुलिस के मानसिंह पूरी टीम के साथ पहुंच गए। गोताखोर उतारे गए और नाव को रस्सियों से खींचकर बाहर निकाला गया लेकिन उसमें कोई नहीं मिला। गोताखोर तलाश में जुटे रहे। सबसे पहले सात बजे अजय का शव मिला। आठ बजे के आसपास सुशील तथा नौ बजे के आसपास शंकर का शव मिला।