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Allahabad High Court : केंद्र सरकार में सेमी स्किल्ड वर्क मैन सीधी भर्ती रद्द करने का आदेश रद्द

Sat, 10 Dec 2022 12:13 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अप्रैल 15 में रक्षा मंत्रालय, इंडियन आर्डिनेंस फैक्ट्री, आर्डिनेंस पैराशूट फैक्ट्री नेपियर रोड, कानपुर ने ग्रुप सी पदों की सीधी भर्ती निकाली। जिसे विभिन्न ट्रेड में अप्रेंटिस धारकों ने यह कहते हुए चुनौती दी कि वे एनसीवीटी प्रमाणपत्र धारक हैं।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि राज्य एक माडल नियोजक है। संविधान के अनुच्छेद 39 (ए) में सभी नागरिकों को जीविका पाने का अधिकार है। नियमानुसार विहित चयन प्रक्रिया से ही पदों पर नियुक्ति की जा सकती। प्रशिक्षित एनसीवीटी प्रमाणपत्र धारकों को स्वत: नियुक्ति पाने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण, प्रयागराज के सेमी स्किल्ड वर्क मैन पदों की भर्ती विज्ञापन को रद करने और अप्रेंटिसशिप धारकों की वरिष्ठता के आधार पर नियुक्ति करने के आदेश को रद्द कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी तथा न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार की खंडपीठ ने रक्षा मंत्रालय के सचिव के मार्फत भारत संघ की दाखिल याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।

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अप्रैल 15 में रक्षा मंत्रालय, इंडियन आर्डिनेंस फैक्ट्री, आर्डिनेंस पैराशूट फैक्ट्री नेपियर रोड, कानपुर ने ग्रुप सी पदों की सीधी भर्ती निकाली। जिसे विभिन्न ट्रेड में अप्रेंटिस धारकों ने यह कहते हुए चुनौती दी कि वे एनसीवीटी प्रमाणपत्र धारक हैं। प्रशिक्षण प्राप्त हैं। उन्हें सेमी स्किल्ड वर्क मैन पद पर नियुक्ति पाने का अधिकार है। सरकार उनके पदों को सीधी भर्ती से भरने जा रही है। भर्ती प्रक्रिया रद्द की जाए।

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सीधी भर्ती में टेलर, फिटर, कारपेंटर, फिटर इलेक्ट्रॉनिक, वस्त्र परीक्षक के स्किल्ड लेबर के पद भरे जा रहे थे। याचीगण एनसीवीटी से प्रमाणपत्र धारक हैं। प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। सेमी स्किल्ड वर्क मैन पद के लिए संभावित अभ्यर्थी हैं। उन्हें नियुक्ति दी जाए। न्यायाधिकरण ने छह अक्तूबर 16 को याचिका मंजूर करते हुए विज्ञापन रद्द कर दिया और याची विपक्षियों को वरिष्ठता के साथ नियुक्ति का निर्देश दिया। जिसे भारत सरकार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।


भारत सरकार का कहना था कि अप्रेंटिस प्रमाणपत्र के आधार पर सीधे नियुक्ति पाने का अधिकार नहीं मिल जाता। उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल होना होगा। भर्ती विज्ञापन निरस्त कर न्यायाधिकरण ने वैधानिक गलती की है। कोर्ट ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया से नियमानुसार पद भरे जाएंगे। सीधी भर्ती में ट्रेड टेस्ट बाध्यकारी है और सभी नागरिकों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का वैधानिक अधिकार है।
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