सिविल लाइंस स्थित केनरा बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय अंतर्गत शाखा के करेंसी चेस्ट से 44 लाख रुपये गायब होने के मामले की जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने शनिवार काे बैंक अफसरों को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में कहा गया है कि मामले से संबंधित जो भी साक्ष्य हैं, उन्हें उपलब्ध कराया जाए। साक्ष्य मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में एक दिन पहले क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज में तैनात सहायक महाप्रबंधक शिवराम मिश्रा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में बैंक के प्रबंधक विवेक कुमार सिंह व दैनिक कर्मचारी रघुवीर यादव को नामजद कराया गया है।
वादी ने पुलिस को बताया है कि बैंक की आंतरिक जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि नकदी की छंटाई दाेनों आरोपी कर्मचारियों की उपस्थिति में ही हुई थी। आरोप यह भी है कि दोनों ने नोटों के बंडल में से नकदी निकाली है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले की विवेचना शुरू कर दी है। इसके तहत साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बैंक को पत्र भेजकर साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस रामाश्रय यादव ने बताया कि विवेचना की जा रही है। उधर आरोपी कर्मचारियों से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन उनका नंबर बंद मिला।
यह है पूरा मामला
केनरा बैंक के करेंसी चेस्ट से 44 लाख रुपये गायब हो गए। इनमें से 39 लाख रुपए की कमी आरबीआई कानपुर ने पकड़ी। जबकि बैंक की आंतरिक जांच में पांच लाख रुपए की हेराफेरी की बात सामने आई। सीसीटीवी फुटेज से मिले साक्ष्यों के आधार पर बैंक प्रबंधन ने दो कर्मचारियों पर गबन, धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया है।