इस अवसर पर काशी प्रांत संगठन मंत्री अमरीश ने सरसंघचालक मोहन भागवत के कथनों का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रयागराज और काशी, गंगा समग्र के राष्ट्रीय आयाम का वह स्थान बनेगा, जहां से यह आंदोलन उठ खड़ा हो रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रांत सह संचालक अंगराज सिंह , काशी प्रांत गंगा समग्र संयोजक राकेश, नीरज चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
उधर, गंगा समग्र की ओर से शाम को गंगा रक्षिता गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इसमें पूर्व आईजी केपी सिंह ने कहा कि दुनिया में गंगा ही एक ऐसी नदी है, जो अपनी गंदगी को स्वयं साफ करती है। हम समाज के लोगों को और प्रशासन के साथ मिलकर गंगा समग्र के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि गंगा और यमुना के किनारे के पुराने बड़े घाटों और मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाए तो वहां पहुंचने वाले लोगों में एक आस्था का विश्वास जगेगा और साथ ही गंगा के सहारे किनारेे रहने वाले लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
गंगा की अविरलता के लिए आगे आएं बहनें
गंगा समग्र के गंगा सेविका का अभ्यास वर्ग राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सिविल लाइंस स्थित एक होटल में हुआ। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गंगा समग्र के तमाम आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बहनों से गंगा एवं पर्यावरण केे साथ संतुलित जीवन के लिए प्रेरित किया। कहा कि गंगा और उसकी सहायक नदियों और प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित तथा संरक्षित रखने में माताओं बहनों का हमेशा अमूल्य योगदान रहा है। अब समय आ गया है कि उन्हें आगे आकर गंगा समग्र के माध्यम से एक बार मां गंगा की अविरलता और निर्मलता को गति देना होगा। काशी प्रांत संगठन मंत्री अमरीश जी ने कहा कि आज मां गंगा और हमारी बहनें एक साथ खड़ी हैं। जब माताएं और बहनें मां गंगा के लिए आगे बढ़ेंगे तो विश्वकल्याण निश्चित और सुनिश्चित होगा और यह संदेश गंगा सेविका प्रयागराज अभ्यास वर्ग से जाना चाहिए। इस अवसर पर डा. वंदना बंसल, रंजना गुलाटी, सीमा सिंह, श्वेता, वर्षा कुशवाहा, पूजा सिंह आदि मौजूद रहीं।