काफी दिनों तक दिल्ली में काटी फरारी
पूछताछ में दोनों ने यह भी बताया कि प्रयागराज से फरार होने के बाद वह काफी दिनों तक दिल्ली में रहे। पिछले 06-07 वर्ष से वह अहमदाबाद में शिवान्ता अपार्टमेन्ट, बेकरी सिटी, थाना क्षेत्र वेजलपुर, गुजरात में फ्लैट खरीद कर रह रहे थे। दोनों जिमनी साॅफ्टवेयर के नाम से एक कम्पनी चलाते थे जो मेडिकल कार्य से सम्बन्धित साॅफ्टवेयर उपलब्ध कराने का काम करती है।दुबई में इसका वर्चुअल कार्यालय भी है जहां पर 12-15 लोग काम करते है। यह कंपनी विदेशों में मेडिकल कार्य से सम्बन्धित साॅफ्टवेयर की सप्लाई का काम भी करती है। भारत में बंगलुरु, कोलकाता, जयपुर तथा उ०प्र० के जनपद प्रयागराज में स्थित युनाइटेड मेडिकल काॅलेज में इस कम्पनी के साॅफ्टवेयर की सप्लाई की गई है। इसकी कीमत 20-25 हजार रुपये है।
खाते में मिले 10 लाख रुपये
एसटीएफ ने बताया कि दंपति के महराष्ट्रा बैंक, प्रयागराज स्थित खाते में लगभग 10 लाख रुपये हैं जो फ्रिज कराया जा चुका है। ठगी से पहले अमित प्रयागराज में स्कूलों में शिक्षा से सम्बन्धित एडमिशन से लेकर लेनदेन के हिसाब रखने वाले साॅफ्टवेयर की सप्लाई का भी काम कर चुका है। थाना वेजलपुर, जनपद अहमदाबाद, गुजरात में दाखिल करने के बाद न्यायालय अपर जिला सत्र न्यायाधीश अहमदाबाद गुजरात के समक्ष पेश कर उनका ट्रांजिट रिमांड बनवाया गया। अब उन्हें प्रयागराज लाया जा रहा है।