जालसाजों तक ऐसे पहुंची पुलिस
डीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद पीड़ित के पास आई मेल के आधार पर आईपी एड्रेस और खाते में ट्रांसफर की गई रकम के आधार पर बैंक अकाउंट नंबर खंगाला गया। इसके बाद परत दर परत जोड़कर जालसाजों को दबोच लिया गया। आरोपियों ने बताया कि वह दोनों दोस्त हैं। करीब आठ महीने पहले ही मुलाकात हुई थी। आरोपियों के कब्जे से दो आईफोन, एक एंड्रायड मोबाइल, एक चेकबुक, 10 एटीएम कार्ड, 15 फर्जी सिम कार्ड और 14 बैंक खाते मिले हैं।
दोनों आरोपी सिर्फ बारहवीं पास
साइबर सेल थाना प्रभारी राजीव तिवारी ने बताया कि संदीप और साहिल ने 12वीं तक पढ़ाई की है। पूछताछ में पता चला कि इन्होंने आयकर विभाग, सीबीआई समेत अन्य एजेंसियों की तरफ से होने वाली एफआईआर या फिर जारी होने प्रेस रिलीज को कॉपी कर लेते थे और फिर उसी तरह के भाषा का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए ई-मेल भेजते थे। अब तक की जांच में सामने आया कि इन लोगों ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की है। आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है।