बीटीसी में प्रवेश के लिए चस्पा हुई कट ऑफ लिस्ट
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प्रदेश में पिछड़े बीटीसी प्रवेश को नियमित करने के लिए सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने बीटीसी 2016-17 एवं 2017-18 सत्रों को एक करने का निर्णय लिया है। प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिलने के बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। दो सत्रों की पढ़ाई एक साथ होने से लगभग तीन लाख युवाओं को बीटीसी में प्रवेश का मौका मिलेगा।
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी नीना श्रीवास्तव ने बताया कि अभी हाल ही में बीटीसी-2015 का प्रवेश पूरा हुआ है। 2016-17 के लिए बीटीसी प्रवेश अप्रैल 2017 में प्रस्तावित है। बताया कि पहले से विलंबित चल रहे बीटीसी प्रवेश को नियमित करने के लिए अप्रैल में ही 2017-18 शैक्षिक सत्र के लिए भी प्रवेश लेने की तैयारी है। बताया कि पहले से ही बीटीसी के 1425 निजी कॉलेजों के साथ 63 डायट में प्रवेश लिया जा रहा है। 381 नए कॉलेजों को मान्यता मिल चुकी है। इन कॉलेजों में बीटीसी की कुल सीटें सवा लाख तक पहुंच गईं हैं। इन सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया 2016-17 सत्र के लिए होगी, जबकि 2017-18 के लिए नई मान्यता मिलने वाले कॉलेजों में प्रवेश दिया जाएगा। ऐसे में लाखों युवा लाभान्वित होंगे।