सितंबर माह में किशोरी के पेट दर्द की शिकायत पर उसका एक अन्य जीजा दरहा गांव के झोलाछाप संदीप सरोज के पास ले गया। झोलाछाप किशोरी को लेकर जनता पॉली क्लीनिक जयंतीपुर सरायअकिल ले गया। यहां बताया गया कि प्रसव का समय पूरा हो चुका है। अस्पताल संचालक डॉ. आशीष मिश्रा ने पीड़ित परिवार से 14 हजार लेने के बाद प्रसव कराया।
इसके बाद शिशु को किशोरी को देने के बजाय एक वार्ड आया को दे दिया गया। पिछले दिनों अफवाह फैली कि शिशु को चार लाख में एक निसंतान दंपती को बेचा जा रहा है। इसे लेकर हल्ला मचा तो प्रकरण बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष कमलेश चंद्र के संज्ञान में आया। उन्होंने किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी, झोलाछाप व चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिया। थानाध्यक्ष बलराम सिंह का कहना है प्रकरण करीब तीन महीने पुराना है। शिशु को बाल कल्याण समिति के निर्देश पर उसकी मां को सौंपा गया है।
घटना के आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी