सिविल लाइंस में शनिवार देर रात पान विक्रेता महेंद्र चौरसिया (32) निवासी शाहगंज की उसकी गुमटी के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक से आए तीन हमलावरों ने दुकानदार को पिस्टल सटाकर दो गोली मारी और भाग निकले। खबर पाकर एसपी क्राइम समेत कई थानों की पुलिस पहुंच गई। हत्या के पीछे भाई से पारिवारिक संपत्ति के बटवारे को लेकर झगड़े की बात सामने आई है।
शाहगंज में गढ़ैया निवासी साधोलाल के सात बेटे हैं। उनके सभी बेटे सिविल लाइंस और शाहगंज इलाके में पान की गुमटी खोले हैं। छठवें नंबर का महेंद्र सिविल लाइंस में लोहिया चौराहे के पास पान की गुमटी चलाता था। शनिवार देर रात वह अपनी गुमटी के बगल में खड़ा था, तभी उसक ा भाई धर्मेंद्र, उसका दोस्त सद्दाम और एक अज्ञात आए और उसे गोली मारकर भाग निकले। गोली लगते ही महेंद्र लहूलुहान होकर जमीन पर गिरा तो चौराहे पर अफरातफरी मच गई। सूचना पर सीओ सिविल लाइंस डीपी तिवारी, इंस्पेक्टर मनोज तिवारी पहुंचे। खून से लथपथ महेंद्र को एसआरएन अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। खबर पाकर महेंद्र के अन्य भाई भी आ गए। पूछताछ में पता चला कि धर्मेंद्र अपने साथियों के साथ आया और गोली मारकर भाग निकला। भाई मुन्नालाल की तहरीर पर धर्मेंद्र, सद्दाम और एक अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। महेंद्र की हत्या से पत्नी नीलम की आंखों से आंसू थम नहीं रहे। उसके दो बेटियां हैं।
धर्मेंद्र भी सिविल लाइंस में स्ट्रेची रोड पर पान की गुमटी लगाता है। उसकी शोहबत ठीक नहीं है। वह भाइयों के हिस्से का मकान दबंगई से हड़पना चाहता है। इसी को लेकर उसकी भाइयों से रंजिश चल रही थी। धर्मेंद्र ने पहले अपने साथियों के साथ कार से चौथे नंबर के भाई को दौड़ाया था। वह भागकर स्टेशन पहुंचा और वहां पुलिस होने के चलते उसे मौका नहीं मिला। तब लौटकर आया और महेंद्र को गोली मार दी। सिविल लाइंस थाने में भाई पुलिस अफसरों से गुहार लगाते रहे कि साहब उसे जल्द पकड़ लें, वरना वह दूसरे भाइयों की भी हत्या कर देगा। बताया कि सद्दाम अक्सर धर्मेंद्र के घर आता था। वह उनकी तरफ से महेंद्र और उसके भाईयों को पारिवारिक मकान खाली कराने के लिए धमकाता था। सीओ डीपी तिवारी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।