खाद्य पदार्थों व सिलिंडर की कीमत में वृद्धि के कारण खाद्य सामग्री के दामों में बीते दो माह में 25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। बीते दो माह में हुई वृद्धि का असर अब आम आदमी के जेब पर दिखाई पड़ने लगा है।
सात रुपये का बिकने वाला समोसा दस रुपये का हो गया, तो वहीं जलेबी व पकौड़ी के दामों में भी 25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। रेस्टोरेंट संचालकों ने फास्ट फूड के दामों में भी इजाफा कर दिया है। होटल व मिठाई की दुकान संचालित करने वाले दुकानदारों का कहना है कि खाद्य तेल से लेकर मैदा, आटा और चीनी के दाम में दो महीने में बीस से पच्चीस प्रतिशत बढ़े हैं। दो महीने पहले पंद्रह लीटर रिफाइंड में लगभग 300 रुपये की तेजी आई है। यही स्थिति सरसों की तेल में भी है। चीनी चार सौ रुपये क्विंटल बढ़ा है, मैदा और सूजी के दाम सौ रुपये क्विंटल बढ़ गए हैं। सबसे अधिक काॅमर्शियल सिलिंडर के दामों के वृद्धि हुई है। छिवकी स्टेशन के पास होटल संचालित करने वाले दुकानदारों ने बताया कि भोजन की थाली जो 120 रुपये की थी उसे 150 रुपये कर दिया गया है। वहीं 150 रुपये की स्पेशल थाली की कीमत 200 रुपये हो गई है।