इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की ओर एमएनएनआईटी में रविवार को आयोजित की गई संगोष्ठी। स्वयं
इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की ओर से मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में विकसित भारत की दिशा में ग्रामीण भारत के लिए सतत प्रौद्योगिकी समाधान विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में स्मार्ट खेती के लिए भविष्य की तकनीकों पर मंथन हुआ।
एमएनएनआईटी के डॉ. सुमित तिवारी ने ग्रामीण उन्नति के लिए नवीकरणीय ऊर्जा और निम्न-कार्बन नवाचारों के महत्व पर जोर दिया। तकनीकी सत्र में सटीक कृषि और स्मार्ट खेती के लिए भविष्य की तकनीक, ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को बदलने के लिए बायोमास अनुप्रयोग और नैनो प्रौद्योगिकी आधारित ऊर्जा भंडारण उपकरणों पर चर्चा की गई।
एमएनएनआईटी और एनआईटी सिक्किम के पूर्व निदेशक प्रो. अरुण बरन समद्दार ने सामाजिक रूप से समावेशी, संदर्भ-संवेदनशील प्रौद्योगिकी की आवश्यकता पर बल दिया। इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के अध्यक्ष प्रो. अवनीश कुमार दुबे ने ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था में असमानता पर ध्यान केंद्रित किया। कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति शोधार्थी त्रिभुवन कुमार, श्रेष्ठ जायसवाल, सौरव कांडपाल, अजय प्रताप सिंह व चाहत केसरवानी को पुरस्कृत किया गया।