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अनुप्रिया के सहारे पिछड़ों को साध रही भाजपा, जनआशीर्वाद यात्रा के जरिए पटेल समाज पर छाप छोड़ने की तैयारी

Thu, 19 Aug 2021 03:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

एक तरफ जहां सपा और बसपा सहित दूसरी पार्टियां ब्राह्म्णों को साधने में लगी हैं। वहीं, अपना दल एस बीजेपी के साथ मिलकर पिछड़ों पर डारे डाल रही है। अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल की बुधवार से शुरू हुई जन आशीर्वाद यात्रा इसी बात का सूचक है।
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Prayagraj News : जनअधिकार यात्रा में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल का स्वागत करते कार्यकर्ता। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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एक तरफ जहां सपा और बसपा सहित दूसरी पार्टियां ब्राह्म्णों को साधने में लगी हैं। वहीं, अपना दल एस बीजेपी के साथ मिलकर पिछड़ों पर डारे डाल रही है। अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल की बुधवार से शुरू हुई जन आशीर्वाद यात्रा इसी बात का सूचक है। सियासी जानकार भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं। उनका मानना है कि बीजेपी के बंदोबस्त में अनुप्रिया की अगुवाई में निकली यात्रा से पार्टी पूर्वांचल के पटेलों में अपनी मजबूत पैठ बना सकेगी। 

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Prayagraj News : जनअधिकार यात्रा को संबोधित करतीं सांसद केशरी देवी पटेल, साथ में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल। - फोटो : प्रयागराज
बुधवार को मउआइमा से जब अनुप्रिया पटेल की यात्रा शुरू हुई तो बीजेपी नेताओं ने ही उसकी अगवानी की और यात्रा को मजबूत आधार दिया। अपना दल एस पार्टी के नेता धर्मराज पटेल कहते हैं कि अनुप्रिया सहित यूपी के तमाम नेता हाल ही में कं्रेद्रीय मंत्रीमंडल में शामिल हुए हैं। लिहाजा, पीएम नरेंद्र मोदी की इच्छा है कि नए चेहरे लोगों के बीच जाए और सरकार की योजनाओं को, उपलब्धियों को उनक तक पहुंचाएं। इसलिए यात्रा को जन आशीर्वाद का नाम भी दिया गया है। अपना दल एस के नेता यह भी बताते हैं कि इस अधिकार यात्रा में उनकी पार्टी का रोल बहुत ही कम था। लेकिन, अनुप्रिया उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, लिहाजा, कार्यकर्ता उसमें पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। 

Prayagraj News : जनअधिकार यात्रा में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल का स्वागत करते कार्यकर्ता। - फोटो : प्रयागराज
सियासी जानकार इसके कई और मायने निकाल रहे हैं। उनका कहना है कि जन आशीर्वाद यात्रा को शुरू करने के कई मकसद है। एक तो सरकार की बातों को जनता तक ले जाना का मामला है ही, दूसरा यह भी है कि बीजेपी अनुप्रिया को सामने लाकर 2017 के विधानसभा चुनाव की तरह 2022 के चुनाव में भी पिछड़ों का वोट बैंक बनाए रखना चाहती है। वैसे तो बीजेपी के पास राम मंदिर, हिंदू, राष्ट्रवाद जैसे कई मुद्दे तो हैं ही लेकिन दलितों, पिछड़ों केा लुभाने के लिए नेताओं की पर्याप्त टोली है। वह जब चाहे ऐसे चेहरों को सामने ला सकती है। 
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prayagraj news : अनुप्रिया पटेल। - फोटो : prayagraj
अनुप्रिया के जरिए बीजेपी, प्रयागराज, मीरजापुर, वाराणसी सहित पूर्वांचल के क्षेत्रों में यह साफ संदेश देना चाह रही है कि उसकी सरकार में पिछड़ों की पर्याप्त अगुवाई है। खुद अनुप्रिया पटेल समाज से ताल्लुक रखती हैं और पूर्वांचल क्षेत्र में इस समाज और उससे जुड़ी उपजातियां जैसे- कुर्मी, कांछी, पटेल, कोइरी, मुराव, मुराई, सिंगरौर, वर्मा आदि का अच्छा खासा दबदबा है। कई सीटों पर ये जातियां अकेले की प्रत्याशियों को जीत दिला सकती हैं। इस वजह से बीजेपी की निगाह समाज के वोट बैंक पर है। अनुप्रिया ने हाल ही में पीएम से मिलकर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए पिछड़ी जातियों के कोटे को भी आरक्षित करवाया है। माना जा रहा है कि इससे अनुप्रिया का कद बढ़ा है, जिसे आगामी विधानसभा चुनाव में आसानी से भुनाया जा सकता है।
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