प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर भाजपा की तरफ से प्रत्याशी घोषित करने को लेकर बना सस्पेंस आज खत्म हो सकता है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि सोमवार को भाजपा अपना प्रत्याशी घोषित कर सकती है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि प्रतापगढ़ सीट राजाभैया के जनसत्ता दल से होने वाले गठबंधन के फेर में उलझी रही। हालांकि यह भी बात सामने आ रही है कि भाजपा यहां भले ही किसी से गठबंधन करेगी, लेकिन प्रत्याशी क्षत्रिय समाज का ही होगा।
प्रतापगढ़ संसदीय सीट को लेकर भाजपा ने अभी तक पत्ते नहीं खोले। काशी क्षेत्र में आने वाले तीन लोकसभा क्षेत्र को छोडक़र अन्य जगह प्रत्याशी उतारे जा चुके हैं। सियासी गलियारों में जारी चर्चाओं पर भरोसा करें तो राजाभैया की पार्टी जनसत्ता दल से गठबंधन को लेकर चल रही बातचीत के चलते प्रतापगढ़ लोकसभा सीट पर प्रत्याशी का अब तक ऐलान नहीं हो सका। रविवार को भी जनसत्ता दल के नेताओं व भाजपा नेताओं के बीच गठबंधन व प्रत्याशी को लेकर अंदरखाने में चर्चा होती रही।
संभावना जताई जा रही है कि सोमवार को भाजपा प्रतापगढ़ सीट को लेकर फैसला कर सकती है। जनसत्ता दल से गठबंधन हुआ तो यहां से जनसत्ता के प्रत्याशी अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी का भाजपा समर्थन करेगी। यदि नहीं होता तो है तो अखिल भारतीय अपना दल के नेता हरिवंश सिंह, अनिल प्रताप सिंह को मैदान में उतार सकती है। हालांकि राजा भैया के पीआरओ ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि उनका किसी भी दल से अब कोई गठबंधन नहीं होगा। कौशांबी से शैलेंद्र कुमार और प्रतापगढ़ सीट से अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी चुनाव लड़ेंगे। कौशांबी लोकसभा क्षेत्र में राजाभैया लगातार चुनावी जनसभाओं को संबोधित करने के साथ ही रोड शो कर रहे हैं।