उन्हें बिशप जॉनसन गर्ल्स कॉलेज का प्रधानाचार्य नियम विरूद्ध तरीके से नियुक्त करा दिया, जबकि ऐसा करने का अधिकार पीटर बलदेव के पास था ही नहीं। पारूल सोलोमन संचालित दूसरे विद्यालय बिशप जॉनसन मैन विंग सिविल लाइन्स में अध्यापिका थी बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल से इनका कोई लेना देना नहीं था। प्रधानाचार्य की नियुक्ति के लिए नियमानुसार विज्ञापन साक्षात्कार आयोजित करके किया जाना चाहिए था।
जालसाजी के द्वारा कूट रचित दस्तावेज तैयार करके मनगढ़ंत तरीके से अपनी पुत्री को लाभ पहुंचाने तथा विद्यालय पर कब्जा करने की बदनियती से पीटर बलदेव एवं पारूल सोलोमन ने जबरन गुंडई के बल पर नियुक्ति कराकर लगातार अनुचित लाभ प्राप्त कर रही है। विद्यालय में पढ़ रहे छात्रों की फीस काउन्टर पर नगद लेकर विद्यालय के खाते मे जमा नहीं की जा रही है।