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हाईकोर्ट : कैबिनेट मंत्री संजय निषाद को बड़ी राहत, आपराधिक मुकदमा वापसी पर स्वीकार की सरकार की अर्जी

Thu, 30 Nov 2023 12:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

शासकीय अधिवक्ता ने कहा, हाईकोर्ट से 21 मार्च 23 को मुकदमा वापसी की अनुमति ली गई है। इसके बाद लोक अभियोजक ने स्वतंत्र निर्णय लिया और नियमानुसार अर्जी दाखिल की। मजिस्ट्रेट ने इस तथ्य और कानून की अनदेखी की है। इसलिए मजिस्ट्रेट का आदेश निरस्त किया जाय।
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अदालत। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निषाद पार्टी के कैबिनेट मंत्री डॉ.संजय कुमार निषाद को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने गोरखपुर में रेलवे ट्रैक जाम करने के आरोप में चल रहे आपराधिक मुकदमे को वापस लेने की सरकार की अर्जी स्वीकार कर ली है। साथ ही सीजेएम गोरखपुर के साक्ष्य के विपरीत गलत अवधारणा पर मुकदमा वापस लेने की अर्जी खारिज करने का आदेश भी रद्द कर दिया है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने राज्य सरकार की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका तथा संजय निषाद की धारा 482 की याचिका को मंजूर करते हुए दिया है। याचिका पर बहस करते हुए शासकीय अधिवक्ता एके संड तथा विनीत पांडेय ने कहा कि आठ जून 15 को आरपीएफ थाना गोरखपुर में दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि निषाद एकता परिषद के अध्यक्ष संजय निषाद ने तमाम कार्यकर्त्ताओं के साथ सात जून 2015 को रेलवे ट्रैक पर विरोध प्रदर्शन किया।

इससे नाघर-सहजनवा रेल ट्रैक का यातायात प्रभावित हुआ। सरकार ने सात अगस्त 23 को मुकदमा वापस लेने का फैसला लिया। लोक अभियोजक ने धारा 321 में मुकदमा वापसी की अर्जी दी। मजिस्ट्रेट ने यह कहते हुए अर्जी खारिज कर दी कि हाईकोर्ट से इसकी अनुमति नहीं ली गई है और अब मुकदमे पर अंतिम बहस होनी है।

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शासकीय अधिवक्ता ने कहा, हाईकोर्ट से 21 मार्च 23 को मुकदमा वापसी की अनुमति ली गई है। इसके बाद लोक अभियोजक ने स्वतंत्र निर्णय लिया और नियमानुसार अर्जी दाखिल की। मजिस्ट्रेट ने इस तथ्य और कानून की अनदेखी की है। इसलिए मजिस्ट्रेट का आदेश निरस्त किया जाय।

यह भी कहा कि सरकार किसी भी स्तर पर मुकदमा वापसी का फैसला ले सकती है। कोर्ट ने लोक अभियोजक के फैसले को विधि सम्मत माना और कहा, मजिस्ट्रेट का आदेश तथ्य तथा कानून के विपरीत होने के कारण अवैध है।
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