भोजपुरी तो आत्मीयता और मिठास में पगी भाषा है लेकिन दुर्भाग्य से अधिक से अधिक पैसा कमाने के फेर में भोजपुरी फिल्म बनाने वाले ही अश्लीलता परोस रहे हैं। वैसे अब भोजपुरी फिल्मों की दुनिया और दायरा बदला है। सामाजिक और पारिवारिक फिल्में बनने से निश्चित रूप से भोजपुरी फिल्मों के बारे में लोगों की धारणा में बदलाव आएगा।
शनिवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में भोजपुरी फिल्मों की चर्चित अभिनेत्री पाखी हेगड़े ने दावा किया कि 33 करोड़ लोगों की ओर से पसंद की जाने वाली भोजपुरी फिल्मों का भविष्य भी तमिल,तेलुगू फिल्मों की तरह उज्ज्वल है। बोलीं, सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता। कड़ी मेहनत के बाद ही इस क्षेत्र में कामयाबी मिलती है।कर्नाटक के मणिपाल में जन्मी और मुंबई में पली बढ़ी पाखी ने भोजपुरी के अलावा, मराठी, पंजाबी और हिंदी फिल्मों में भी अभिनय किया है।
वर्ष 2004 में दूरदर्शन पर प्रसारित सीरियल ‘मैं बनूंगी मिस इंडिया’ से कॅरियर की शुरुआत करने वाली पाखी दो वर्ष बाद ही भोजपुरी फिल्मों से जुड़ गईं। अब तक वह 45 से अधिक भोजपुरी फिल्मों में लीड रोल कर चुकी हैं। अभिनय को साधना मानने वाली पाखी बिग बी अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, गुलशन ग्रोवर आदि के साथ काम कर चुकी हैं।
संगमनगरी पहुंचकर पाखी बहुत खुश दिखीं। पिछले साल योग गुरु आनंद गिरि से मुलाकात के बाद उन्हीं की प्रेरणा से संगमनगरी पहुंची पाखी ने बहुपात्रों से गंगा की आरती उतारी। माघ मेला क्षेत्र में अक्षयवट मार्ग स्थित गंगा सेना शिविर पहुंचने के बाद वह नाव से संगम गईं जहां त्रिवेणी पूजन के बाद लौटकर उन्होंने बड़े हनुमान जी का दर्शन पूजन किया और परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा। स्वामी आनंद गिरि की देखरेख में हुई गंगा आरती में राणा आदित्य प्रताप सिंह, दुबई से आए प्रमोद कुमार गुप्ता आदि भी शामिल थे।
फिल्म ‘वूमन फ्राम ईस्ट’ में आदिवासी महिला के संघर्ष को परदे पर जीवंत करने के लिए अभिनेत्री पाखी हेगड़े और महिला सशक्तिकरण के लिए काम करने वाली सीओ माघ मेला नीति द्विवेदी को शनिवार को गंगा सेना की ओर से सम्मानित किया गया। गंगा सेना प्रमुख स्वामी आनंद गिरि ने कहा, महिलाओं के संघर्ष को पाखी ने बखूबी रेखांकित किया है। उनकी फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। वहीं माघ मेले को सकुशल पूरा कराने में सीओ नीति द्विवेदी ने अहम भूमिका निभाई है।