वाल्मीकि और रविदास के पर ध्यान किया केंद्रित
इनके अलावा कई अनुसूचित नेताओं ने जय श्रीराम के साथ जय भीम का उद्घोष कर जताने की कोशिश की कि वह भगवा के साथ पूरी भावना से जुड़ चुके हैं। सीएम योगी ने महर्षि वाल्मीकि से लेकर संत शिरोमणि संत रविदास के जीवन दर्शन से जहां आम जनमानस के रिश्ते को रेखांकित किया, वहीं डॉ. आंबेडकर से कांशीराम तक के चिंतन पर रोशनी डाली।
सीएम का कहना था कि पूर्व की सरकारों ने ऐसे महापुरुषों के योगदान को भुला दिया है। जबकि, उनकी सरकार इस दौर की युवा पीढ़ी को ऐसे संत-महात्माओं के आदर्शों से जोड़ रही है।1.40 अरब लोग बाबा साहेब के बनाए संविधान से प्रेरणा और प्रकाश प्राप्त कर विकास के साथ समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। सीएम ने कहा कि बाबा साहेब को अगर किसी ने सम्मान दिलाया तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।
जन जाति दिवस और संविधान दिवस पीएम मोदी की देन
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के महापुरुषों के नाम और काम दोनों को यादगार बनाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम के कदम को सराहा। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में ही बिरसा मुंडा की जयंती तिथि 15 नवंबर को ‘जनजाति दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है।
दिव्य-भव्य और स्वच्छ महाकुंभ की तैयारियां समय से करें अफसर,सीएम ने दिया निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सोरांव में अफसरों से महाकुंभ की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने दिव्य-भव्य, स्वच्छ और सुरक्षित कुंभ की तैैयारियां समय रहते पूरी करने का निर्देश दिया। सीएम का कहना था कि प्रयागराज की धरती पर महाकुंभ का आयोजन अद्वितीय होगा। इस महाकुंभ को हम भव्य, दिव्य और स्वच्छ बनाएंगे। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु स्नान और दर्शन करने के साथ ही प्रयागराज की भव्यता को भी देख सकेंगे।
सीएम ने बताया कि यहां पर महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए कई निर्माणाधीन परियोजनाओं का कार्य तेज गति से कराया जा रहा है। सीएम ने भरोसा दिलाया कि जो भी विकास की योजनाएं हैं, वह बिना किसी भेदभाव के जनता तक पहुंचेंगी। जो लोग योजनाओं का लाभ प्राप्त कर चुके है, उनके आर्थिक स्वावलंबन के लिए कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री बताया कि अभी हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर ‘विश्वकर्मा श्रमयोजना’ शुरू हुई है। इसमें परंपरागत कार्य करने वाले हस्तशिल्पियों को लाभान्वित कर उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा।
14 लोक सभा सीटों का महासम्मेलन में प्रतिनिधित्व
अनुसूचित जाति सम्मेलन में 16 जिलों से भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ ही अनुसूचित जाति के लोगों की भीड़ सीएम योगी आदित्यनाथ को सुनने के लिए उमड़ी थी। इस सम्मेलन में 14 लोक सभा सीटों के साथ ही 71 विधान सभा सीटों का भी प्रतिनिधित्व हुआ।