छात्र-छात्राओं को रतन टाटा जैसे उद्योगपतियों का उदाहरण देते हुए बताया जाता है कि बिजनेस लीडर बनने के लिए क्या गुण होने चाहिए। डॉ.शेफाली ने बताया कि आगे चलकर पाठ्यक्रम में रतन टाटा के एथिकल बिजनेस से जुड़े सिद्धांतों को भी शामिल किया जाएगा, जिसने समाज को एक नई दिशा दी और बताया कि बिजनेस समाजसेवा का भी सशक्त माध्यम हो सकता है। डॉ.शेफाली इविवि के इंक्यूबेशन सेंटर की भी समन्वयक हैं। उनका कहना है कि सेंटर में होने वाली कार्यशालाओं और कार्यक्रमों में भी रतन टाटा जैसे उद्योगपतियों का उदाहरण देते हुए छात्रों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है।