बुधवार को थोड़ी सी बारिश में फायरमैनों के लिए बनी बैरकों की दीवाल ढ़ह गई। यह तो गनीमत थी कि उस समय बैरक में आधा दर्जन जवान थे, उनमें से फायरमैन कमलेश पाल के सिर और पसली में चोट आई है। जिसे एसआरएन अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करा दिया है। कुछ फायरमैन को हल्की चोट आई, उनकी उपचार के बाद छुट्टी कर दी गई। बैरक में फायर कर्मियों के कई वाहन और कूलर तथा अन्य सामान दब गए।
फायर विभाग की ुिबल्ंिडग 1987 में बनकर तैयार हुई थी। तीस साल पहले बनी इस बिल्डिंग की गुणवत्ता को लेकर शुरू से ही सवाल उठे थे। पिछले पांच साल से फायर अधिकारियों ने इस बिल्डिंग को जर्जर घोषित करने का अनुरोध किया था लेकिन अफसरों ने सुनवाई नहीं की। बैरकों की जर्जर हालत के कारण कई फायर कर्मी शहर के अन्य स्थान पर शिफ्ट हो गए थे। फिर भी इन बैरकों में करीब दो दर्जन कर्मी रह रहे थे।
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे बैरक का एक खंभा गिर गया। उसी समय वहां से फायर कर्मी अपना सामान निकालने लगे। करीब पांच मिनट के अं्दर पूरी दीवाल ढह गई। उस समय कमलेश पाल अपना स्कूटर निकाल रहे थे। दीवाल की एक ईट उनके सिर पर लगी और वह वहीं पर गिर गए। वहां मौजूद अन्य फायर कर्मियों ने उनको मलवे से निकाला और उपचार के लिए एसआरएन अस्पताल ले गए। फायर ब्रिगेड परिसर में बैरक की दीवाल गिरने और कई कर्मियों के घायल होने की खबर पर एसएसपी तथा अन्य अधिकारी पुहुंचे और घटना का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि नए सिरे फायर ब्रिगेड की बिल्ंिडग बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजेंगे।