गर्मी के शुरुआती दौर में ही तहसील मुख्यालय बारा एवं आसपास के गांवों में पेयजल का संकट शुरू हो गया है। पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं होने से तहसील परिसर में लगे हैंडपंप से पानी ले जाने वालों की सुबह से कतार लग जाती है।
तहसील मुख्यालय बारा में भूजल का पानी पीने योग्य नहीं है। खारा पानी होने के कारण बारा से लगभग सात किमी दूर ग्राम पंचायत पांडर के मजरा कोटवारन का पूरा से पाइप लाइन द्वारा पानी आता है। कोटवारन का पूरा में उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा नलकूप लगाया गया है।
ग्रामीण अनुराग कुशवाहा, वसीम अहमद, विजय केसरवानी, हरिकेश शर्मा आदि ने बताया कि पानी बहुत ही कम समय के लिए आता है। शिकायत पर भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्राम प्रधान बारा संतोष कुमार जायसवाल ने कहा कि बारा में पानी का संकट पुराना है। कुछ जगहों पर पाइप लाइन वर्षों से खराब है बदला नहीं जा रहा है। जलनिगम के अवर अभियंता निरंजन वर्मा का कहना है कि पानी की आपूर्ति क्षमता के अनुसार नियमित की जा रही है।