खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति के कारण आपूर्ति बाधित होने से तहसील क्षेत्र में गैस, पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत हो गई है। आलम यह है कि लोग सुबह से ही गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों के चक्कर काट रहे हैं। गैस सिलिंडर की सप्लाई ठप होने से आम आदमी के घर का बजट बिगड़ गया है। गृहणियों का कहना है कि उज्ज्वला योजना के बाद चूल्हों से राहत मिली थी, लेकिन अब फिर से धुएं में काम करना पड़ रहा है।