ब्लीचिंग पाउडर से मारी गईं मछलियां।
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मेजा में प्रतिबंधित मछली बेचकर लोगों को बीमार किए जाने के खेल का भंडाफोड़ हुआ है। मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने लखनपुर गांव में थाई मांगुर प्रजाति की मछली की अवैध नर्सरी पकड़ी। नर्सरी को नष्ट करते हुए फिलहाल संचालकों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है। अफसरों का कहना है कि दोबारा कोई ऐसा करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अफसरों ने बताया कि मेजा क्षेत्र में काफी दिनों से प्रतिबंधित मछली का कारोबार किया जा रहा था। इसकी सूचना अज्ञात व्यक्ति ने उपनिदेशक मत्स्य को दी थी। जिस पर कार्रवाई करने के लिए मत्स्य विकास अधिकारी शेषनाथ पटेल को निर्देशित किया गया था। बृहस्पतिवार को मत्स्य विकास अधिकारी ने लखनपुर गांव में पहुंचकर जांच पड़ताल की तो पता चला कि अंश मछली फार्म के नाम से चल रही नर्सरी में थाई मांगुर प्रजाति की प्रतिबंधित मछलियों का पालन हो रहा था।
इस पर नर्सरी का ध्वस्तीकरण कराय गया। इसके अलावा नर्सरी मालिक को चेतावनी दी गई कि दोबारा प्रतिबंधित मछलियों का कारोबार किया गया तो एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। मत्स्य निरीक्षक इरफानुल्लाह खान ने कहा कि थाई मांगुर पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस मछली को खाने से कैंसर रोग का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि प्रतिबंधित मछली को न खरीदें। साथ ही कोई इसका कारोबार करता मिले तो उसकी सूचना अफसरों को दें।