मंदिर के सेवायतों ने सरकार की ओर से प्रस्तुत विकास की कार्य योजना पर संदेह व्यक्त करते हुए अपने वकीलों के माध्यम से कहा कि उन्हें आशंका है कि सरकार मंदिर के प्रबंधन में विकास के नाम पर हस्तक्षेप न करे।
कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह रिटायर्ड जस्टिस सुधीर नारायण को सारी सुविधाएं मुहैया कराए ताकि वह अपनी रिपोर्ट दे सकें। कोर्ट ने आदेश के प्रति रिटायर्ड जस्टिस सुधीर नारायण को देने के लिए हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार अनुपालन को निर्देश दिया है। कोर्ट इस याचिका पर अगली सुनवाई 16 दिसंबर 2022 को करेगी।