भाजपा नेता राजेंद्र वार्ष्णेय ने अलीगढ़ के पूर्व मेयर मोहम्मद फुरकान, पूर्व विधायक जमीर उल्लाह, बीएसपी के पूर्व जिलाध्यक्ष सूरज सिंह, अधिवक्ता अशोक सिंह व मुशर्रफ सभासद के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में नफरती भाषण सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया था। मामला एमपी/एमएलए कोर्ट में लंबित है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ के पूर्व मेयर, पूर्व विधायक समेत पांच के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट व अग्रिम प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की कोर्ट ने आवेदक के अधिवक्ता मोहम्मद इरतेका को सुनकर दिया। आरोप है कि अलीगढ़ में 2017 में नवनिर्वाचित मेयर मोहम्मद फुरकान के शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रगान, वंदेमातरम के बजाय धार्मिक नारा लगाया गया था। इसे लेकर काफी हंगामा हुआ था।
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भाजपा नेता राजेंद्र वार्ष्णेय ने अलीगढ़ के पूर्व मेयर मोहम्मद फुरकान, पूर्व विधायक जमीर उल्लाह, बीएसपी के पूर्व जिलाध्यक्ष सूरज सिंह, अधिवक्ता अशोक सिंह व मुशर्रफ सभासद के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में नफरती भाषण सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया था। मामला एमपी/एमएलए कोर्ट में लंबित है। मामले में 20 अक्तूबर 23 को समन व 19 मार्च 24 को गैर जमानती वारंट जारी किया गया।
इस आदेश को रद्द करने के लिए आवेदक ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई। आवेदक के अधिवक्ता ने कहा कि इस मामले में बिना सरकार की अनुमति के केस दर्ज नहीं दर्ज किया जा सकता है। यह सीआरपीसी की धारा 196 (1) (ए) के तहत अनिवार्य है। कोट ने इस मामले की सरकार से जवाब मांगते हुए अगली तारीख तक आवेदकों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है। सुनवाई के लिए चार जुलाई 24 की तारीख सुनिश्चित की है।