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High Court: आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी अधिवक्ता की गिरफ्तारी पर रोक, कोर्ट ने विपक्षी को जारी किया नोटिस

Mon, 07 Oct 2024 11:07 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मामला पीलीभीत के बिसलपुर थाना क्षेत्र का है। जोगीठेर गांव के सुनील कश्यप दस सितंबर की शाम लापता हो गया था। 11 सितंबर सुबह शेरगंज रेलवे हॉल्ट पर उसका शव फंदे से लटका मिला था। इससे पहले नौ सितंबर की देर रात गांव में सुनील और एक अन्य व्यक्ति में झगड़ा हुआ था। पुलिस शांतिभंग के आरोप में उसे थाने ले गई थी।
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कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी अधिवक्ता अरुण राणा और उसके भाई शिवम राणा की गिरफ्तारी पर रोक लगा विपक्षी को नोटिस जारी किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने याची अधिवक्ता जय सिंह यादव की दलीलों को सुनकर दिया है।

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मामला पीलीभीत के बिसलपुर थाना क्षेत्र का है। जोगीठेर गांव के सुनील कश्यप दस सितंबर की शाम लापता हो गया था। 11 सितंबर सुबह शेरगंज रेलवे हॉल्ट पर उसका शव फंदे से लटका मिला था। इससे पहले नौ सितंबर की देर रात गांव में सुनील और एक अन्य व्यक्ति में झगड़ा हुआ था। पुलिस शांतिभंग के आरोप में उसे थाने ले गई थी।

हत्या के आरोप में पुलिस ने गांव के ही अरुण राणा, शिवम राणा, जतिन राणा, सचिन राणा, मिथुन राणा, विपिन मौर्य, छेदालाल मौर्य और अखिलेश मौर्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालांकि, पोस्टमार्टम में आत्महत्या की पुष्टि हुई।
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मामले में आरोपी अधिवक्ता अरुण राणा और उनके भाई ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए विपक्षी को नोटिस जारी किया है। संवाद

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