याची के अधिवक्ता नवीन कुमार शर्मा ने दलील दी कि सलोनी सिंह ने बहराइच से बदायूं अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। उसके आवेदन में दिए गए कारणों के आधार पर उसे 27 वेटेज अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन परिषद ने 17 अंक ही दिए। इस पर हाईकोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज से जवाब मांगा।
बेसिक शिक्षा परिषद की गलती से सहायक अध्यापिका को अदालत के चक्कर काटने पड़े। हालांकि, हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद परिषद ने अपनी गलती सुधारते हुए शिक्षिका के अंतरजनपदीय स्थानांतरण का आदेश पारित कर दिया। बहराइच में कार्यरत सहायक अध्यापिका सलोनी सिंह की याचिका पर न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने सुनवाई की।
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याची के अधिवक्ता नवीन कुमार शर्मा ने दलील दी कि सलोनी सिंह ने बहराइच से बदायूं अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। उसके आवेदन में दिए गए कारणों के आधार पर उसे 27 वेटेज अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन परिषद ने 17 अंक ही दिए। इस पर हाईकोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज से जवाब मांगा।
सचिव ने हलफनामा दाखिल कर स्वीकार किया कि वेटेज अंक की गणना में उनसे चूक हुई है। इस पर कोर्ट ने परिषद को चार सप्ताह में निर्णय लेने का समय दिया था। बेसिक शिक्षा परिषद कोर्ट के आदेश के अनुपालन में याची के स्थानांतरण का आदेश जारी कर दिया गया है।