जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरी ने बताया कि मामला प्रयागराज के मुट्ठीगंज थाना क्षेत्र का है। वर्ष 2021 में वादी ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई कि उसकी भांजी घर से किताब खरीदने निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी।
नाबालिग से शादी फिर गर्भपात कराना महाराष्ट्र निवासी अभिजीत ओमप्रकाश उर्फ चीकू को भारी पड़ गया। मामले में नाबालिग के मामा की ओर से केस दर्ज कराया गया था। आरोपी ने जमानत अर्जी दाखिल की, जिसे विशेष अदालत (पॉक्सो एक्ट) के न्यायाधीश राजेश कुमार पंचम ने खारिज कर दी। आरोपी जेल पहुंच गया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरी ने बताया कि मामला प्रयागराज के मुट्ठीगंज थाना क्षेत्र का है। वर्ष 2021 में वादी ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई कि उसकी भांजी घर से किताब खरीदने निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। दौरान विवेचना पता चला कि पीड़िता इंस्टाग्राम के जरिये दोस्त बने महाराष्ट्र के अमरावती निवासी चीकू के साथ रह रही है। जिस समय वह मिली तो गर्भवती थी। मामा के घर लौटने से इन्कार करने पर पुलिस ने उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया था।
बालिग होने के बाद वह अपने प्रेमी के घर चली गई थी। उसका कहना था कि उसने शादी कर ली है। हालांकि, पीड़िता ने अपने कलमबद्ध बयान में कहा था कि आरोपी ने उसका गर्भपात करवाया था। आरोपी के अधिवक्ता की दलील थी कि आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति का नही है। कानूनी जानकारी के अभाव में प्यार कर बैठा। उसका आशय गलत नहीं था। पीड़िता ने भी अपने बयानों में आरोपी का समर्थन किया है। मामला नाबालिग और गर्भपात से जुड़ा होने के कारण अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।