मामला खीरी के किहुनी खुर्द का है। मृतक अजय आदिवासी के छोटे भाई अभय आदिवासी ने आरोपी के वकील आदिवासी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि आरोपी उसके बड़े भाई अभय को छह मार्च की रात करीब डेढ़ बजे ट्रैक्टर के कल्टीवेटर से बांधकर बेरहमी से लाठियों से पीट रहा था।
जिला अदालत ने ट्रैक्टर में बांधकर युवक की निर्मम हत्या करने के आरोपी वकील आदिवासी की जमानत खारिज कर दी। यह आदेश जिला जज संतोष राय ने जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि और आरोपी के अधिवक्ता को सुनकर दिया।
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मामला खीरी के किहुनी खुर्द का है। मृतक अजय आदिवासी के छोटे भाई अभय आदिवासी ने आरोपी के वकील आदिवासी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि आरोपी उसके बड़े भाई अभय को छह मार्च की रात करीब डेढ़ बजे ट्रैक्टर के कल्टीवेटर से बांधकर बेरहमी से लाठियों से पीट रहा था। परिजनों ने अजय को बचाने का प्रयास किया तो आरोपी ने उन पर भी ईंट-पत्थर से हमला किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जख्मी हालत में अजय की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
आरोपी के अधिवक्ता ने बचाव करते हुए कहा कि पुलिस की मदद से आरोपी को हत्या के मामले में फंसाया गया है। जबकि डीजीसी क्रिमिनल गुलाब चंद अग्रहरि ने इसे निर्मम हत्या का मामला बताया। कोर्ट ने आरोपी की जमानत खारिज कर दी।