इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सास को जिंदा जलाने की दोषी बहू की जमानत मंजूर कर ली। वह अपने आठ साल एक नाबालिग बेटे संग पिछले छह साल से जेल में बंद है। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र और न्यायमूर्ति गौतम चौधरी की अदालत ने दोषी सास की अपील संग दाखिल जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए दिया है।
मामला प्रयागराज के बारा थाना क्षेत्र का है। बहू पर आरोप था कि उसने अपनी सास पर मिट्टी का तेल छिड़क के आग के हवाले कर दिया था। इससे उसकी मौत हो गई। सत्र न्यायालय ने सास की उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ सास ने अपील दाखिल की थी। अपील के साथ दाखिल जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान सास के अधिवक्ता अश्वनी कुमार ओझा ने दलील दी कि मामले के सारे गवाह पक्षद्रोही हो चुके है।
मृत्यकालिक बयान अविश्वनीय है। पत्नी के जेल जाने के बाद पति ने दूसरी शादी कर ली है और वह अपने छह साल के बेटे संग आठ साल से जेल में रह रही है। उसकी देखरेख करने वाला भी कोई नही है।लंबित अपील के निस्तारण के काफी वक्त लगने की संभावना है। कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर करते हुए उम्रकैद भुगत रही बहू को रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही बहु पर लगाए गए जुर्माने पर भी रोक लगा दी है।।