बहरिया थाने के अहिरपुर गांव में पांच मई 2014 में हुए सामूहिक नरसंहार के मामले में बुधवार को एडीजे-17 की कोर्ट में घूरपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार राय का बयान दर्ज किया गया। थानाध्यक्ष राकेश कुमार घटना में मृतक राम सरन और राजीव कुमार के शव का पंचनामा किया था। इस मामले में अब तक 11 गवाह पेश हो चुके हैं। थानाध्यक्ष को शेष साक्ष्य संकलन के लिए फिर से कोर्ट में अपना बयान देना होगा। उसके लिए बाद में समय तय होगा।
बहरिया थाने के अहिरपुर गांव में स्पीड ब्रेकर को लेकर दो पक्षों में विवाद खड़ा हो गया था। एक पक्ष के लोगों ने वादी शांति देवी के पति रामबरन, देवर रामशरण, पुत्र राजीव कुमार, नंदोई पन्ना लाल की हत्या कर दी थी। मामले में आठ मुल्जिम जेल में बंद हैं। मुकदमे में सुनवाई चल रह है। अब तक 11 गवाह पेश हो चुके हैं। बुधवार को घूरपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार राय का बयान लिया गया। राकेश कुमार उस समय बहरिया थाने में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे।
घटना के दौरान उन्होंने मृतक लोगों में दो के शवों का पंचनामा किया था। शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद अग्रहरि ने बताया कि सुनवाई के दौरान साक्ष्य संकलन के संदर्भ में घूरपुर थानाध्यक्ष का बयान दर्ज किया गया। अभी एक मुल्जिम से जिरह बाकी है। इसके लिए उन्हें बाद में बुलाया जाएगा। जबकि तत्कालीन सीओ अलका धर्मराज का बयान होना बाकी है। मामले में सुनवाई के लिए कोर्ट ने सात अक्तूबर की तिथि तय की है।