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UP: तीस साल पहले माफिया डॉन बबलू की प्रयागराज में हो चुकी है पुलिस से मुठभेड़, साथी राजू भटनागर हुआ था ढेर

Mon, 16 Oct 2023 10:04 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

तीस साल पहले प्रयागराज में बबलू श्रीवास्तव और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो चुकी है। मुठभेड़ में बबलू का साथी राजू ढेर हो गया था। बबलू अपने साथी बृजमोहन के साथ फरार हुआ था। माफिया डॉन का प्रयागराज से पुराना रिश्ता है।
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बबलू श्रीवास्तव को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तमाम न नुकूर के बाद माफिया डॉन बबलू श्रीवास्तव सोमवार को इलाहाबाद की जिला अदालत में पहली बार पेश किया जाएगा। प्रयागराज की आपराधिक दुनिया से उसका रिश्ता नया नहीं है। 
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आठ साल पुराने सराफा कारोबारी पंकज महिंद्रा के अपहरण मामले में बयान मुल्जिम दर्ज करवाने आए बबलू श्रीवास्तव की तीस साल पहले जार्ज टाउन पुलिस के साथ मुठभेड़ भी हो चुकी है, जिसमें उसका साथी राजू भटनागर मारा गया था, लेकिन वह साथी बृजमोहन के साथ फरार होने में कामयाब हो गया था।

यह वाकया तीन दशक पहले तब का है, जब यह माफिया डॉन बबलू अपने साथी राजू भटनागर और बृजमोहन के साथ बनारस के एक बड़े व्यापारी के अपहरण की योजना बनाकर लखनऊ से निकला था। इसकी भनक लगने पर लखनऊ के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक एसएन सिंह पक्का ने इन तीनों का इलाहाबाद तक पीछा किया था। 
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इसके बाद इन तीनों के साथ जार्ज टाउन थाना क्षेत्र में स्थित राजा बेरांव की कोठी के पास पुलिस के साथ मुठभेड़ हो गई। उस मुठभेड़ में बबलू का साथी राजू भटनागर मारा गया, लेकिन बृजभूषण के साथ बबलू श्रीवास्तव भागने में कामयाब हो गया। 

बताया जाता है कि मुठभेड़ स्थल से पुलिस में 315 बार की अमेरिकन पिस्टल समेत भारी मात्रा में कारतूस और हथियार बरामद किए थे। जार्ज टाउन थाने में दर्ज मुकदमे के आधार पर जिला अदालत में मुकदमा चला तो बृजमोहन पेश हुआ और पुलिस केस होने का लाभ पाकर बरी हो गया, लेकिन फरार डॉन बबलू श्रीवास्तव की गैर हाजिरी के कारण पत्रावली अलग कर दी गई। तब से उस मामले की पत्रावली किस स्थिति में है किसी को याद नहीं है।

फाइल की है तलाश, मिली तो फिर खुलेगी
बरहाल, 30 साल पहले उसके साथी राजू भठनागर मुठभेड़ मामले में बहैसियत सरकारी वकील मुकदमा लड़ चुके मौजूदा जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गुलाब चंद्र अग्रहरि का कहना है कि अपहरण किंग की उस फाइल की तलाश की जा रही है। अगर फाइल मिली तो फिर से खोली जाएगी।
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प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी की जीरो टोरलेंस की नीति तहत किसी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले नए हो या पुराने कोई बचेगा नहीं। वह बताते हैं कि लखनऊ से माफिया का पीछा करने वाले आईपीएस एसएन सिंह पक्का की बृजमोहन के मामले में इलाहाबाद आईजी रहते हुए गवाही हुई थी।
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