राम मंदिर आंदोलन में प्रयागराज मुख्य केंद्र बनकर उभरा था। इस दौरान अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए प्रत्येक हिंदू की सहभागिता के लिए विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे अशोक सिंघल ने एक विशेष मुहिम शुरू की थी। इसके तहत उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए प्रत्येक हिंदू परिवार की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए सवा रुपये चंदा लिए जाने का अभियान शुरू किया। खास बात यह रही कि आंदोलन के दौरान इस अभियान की शुरूआत अशोक सिंघल ने प्रयागराज से ही की।
अशोक सिंघल द्वारा शुरू किया गया यह अभियान तब देश भर में खासा चर्चा में आ गया। महाराष्ट्र हो या गुजरात, तमिलनाडु हो या फिर बंगाल। इन सभी राज्यों में विश्व हिंदू परिषद का यह अभियान बेहद जोर शोर से चला। अभियान की सफलता के भारत के सभी राज्यों में विश्व हिंदू परिषद की टोली गांव-गांव, शहर-शहर घूमी।
देश का शायद ही ऐसा कोई गांव या मोहल्ला बचा रहा होगा, जहां विहिप कार्यकर्ताओं ने हिंदुओं परिवार से सवा रुपये न लिए हो। भाजपा पार्षद एवं राम मंदिर आंदोलन में कार सेवा कर चुके मनोज कुशवाहा बताते हैं कि वर्ष 1989 में प्रयागराज में हुई धर्मसंसद के बाद विहिप का यह जनजागरण अभियान देश भर में चला।
इस आंदोलन को देश व्यापी बनाने के लिए जन्मभूमि के शिलान्यास केलिए देश केप्रत्येक गांव से पूजित एक-एक श्रीरामशिला लेने की भी बात हुई। मनोज ने बताया कि इस अभियान में तब केशव प्रसाद मौर्य विहिप के सक्रिय पदाधिकारी थे, उन्होंने इस मुहिम को जोर से शोर से चलाया। इस दौरान सामाजिक समरसता अभियान भी बेहद तेजी से चला। तब विहिप के पास ज्यादा फंड नहीं होता था।
इस दौरान बैठकों में आने वाले पदाधिकारियों के भोजन आदि की व्यवस्था कार्यकर्ता करते थे। इसके लिए कार्यकर्ता शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर लोगों से एक व्यक्ति के लिए एक समय के भोजन की मांग करते थे। वहीं भोजन लाकर विहिप पदाधिकारियों को दिया जाता था। इसमें यह भी नहीं मालूम पड़ता था कि भोजन किसी ब्राह्मण के यहां से लाया गया है कि किसी दलित के घर से। स्वर्गीय अशोक सिंघल सिर्फ इतना ही कहते थे कि हिंदू घर से ही खाना लाओ, भले ही वह किसी भी जाति का हो।