बीपीसीएल के उपकरणों के लिए पूर्व में भी दो बार बोली लगी थी लेकिन खरीदार 54 करोड़ रुपये निर्धारित बेस प्राइज के बराबर राशि देने के लिए भी तैयार नहीं हुए। ऐसे में तीसरी बार शुक्रवार को फिर बोली लगाई गई। बेस प्राइज 44.85 करोड़ रुपये से बोली की शुरुआत हुई।
बीपीसीएल के उपकरणों की नीलामी को लेकर स्थिति शनिवार को भी स्पष्ट नहीं हो पाई। हालांकि, एक अफसर के अनुसार नीलामी हो चुकी है और निर्धारित न्यूनतम राशि 44.85 करोड़ रुपये से अधिक की बोली लगी है। बीपीसीएल के लिए सबसे अधिक बोली किसने लगाई और कितनी लगी, इसे लेकर अफसर चुप्पी साधे हुए हैं।
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इसके विपरीत नीलामी करने वाली संस्था की ओर से नीलामी को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में यह चर्चा भी रही कि केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री के हस्तक्षेप के बाद नतीजा घोषित करने पर रोक लगा दी गई है। हालांकि, सोमवार को स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट होने की बात कही जा रही है। किसी तरह की रोक नहीं रही तो नीलामी का आदेश भी जल्द जारी हो जाएगा।
बीपीसीएल के उपकरणों के लिए पूर्व में भी दो बार बोली लगी थी लेकिन खरीदार 54 करोड़ रुपये निर्धारित बेस प्राइज के बराबर राशि देने के लिए भी तैयार नहीं हुए। ऐसे में तीसरी बार शुक्रवार को फिर बोली लगाई गई। बेस प्राइज 44.85 करोड़ रुपये से बोली की शुरुआत हुई।
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ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार उपकरणों की नीलामी हो जाएगी। हालांकि, अंतिम आदेश का अभी इंतजार है। उधर, सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने बीपीसीएल को दोबारा चालू कराने तथा निजी हाथों को सौंपने के लिए प्रधानमंत्री एवं भारी उद्योग मंत्री से मुलाकात की थी। इसी परिपेक्ष्य में यह भी कहा जा रहा है कि नीलामी की आगे की प्रक्रिया रोकी जा सकती है।
कर्मचारियों संग नंदी से मिलीं सांसद डॉॅ.रीता
सांसद डॉ.रीता बहुगुणा जोशी ने बीपीसीएल के कर्मचारियों संग शनिवार को प्रदेश के उद्योग मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी से मुलाकात की। उन्होंने उपकरणों की नीलामी के बजाय जमीन एवं तकनीकि के साथ पूरे बीपीसीएल की बिक्री किए जाने की बात की। उनका कहना था कि इससे कंपनी को बचाने के साथ रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने इस बाबत ज्ञापन भी सौंपा। डॉ.रीता तथा नंद गोपाल गुप्ता सोमवार या मंगलवार को मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे। ब्यूरो