1948-49 में यूनियन के अध्यक्ष रहे सुभाष कश्यप की संसद और विधानमंडल में एक निश्चित सीमा के अंदर मंत्रिमंडल के विस्तार जैसे कई अहम निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका रही। 1940-41 में यूनियन के अध्यक्ष रहे डॉ. डीएस कोठारी ने उच्च शिक्षा को नए आयाम दिए। भारत के मुख्य न्यायमूर्ति रहे जेएस वर्मा और प्रख्यात अर्थशास्त्री प्रोफेसर जेके मेहता भी यूनियन के अध्यक्ष रहे।
‘पूरब का आक्सफोर्ड कहलाए जाने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती शुरू होने के बाद ज्यादातर विभागों में विश्वस्तरीय शिक्षक हैं। हमें प्रयास करना है कि विश्वविद्यालय शिक्षा के उच्चतम स्तर को प्राप्त करे और अपने गौरव को पुनर्स्थापित करे। नई पीढ़ी सुशिक्षित हो और हर वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिले। - ’ प्रो. संगीता श्रीवास्तव, कुलपति, इविवि
‘इविवि में शोध और इंफ्रास्ट्रक्चर की बेहतरी के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है। इन पर काम भी शुरू हो गया है। नए शिक्षकों की नियुक्ति से विश्वविद्यालय में शोध को नए आयाम मिलेंगे और रैंकिंग में अच्छे से अच्छा स्थान प्राप्त कर हम विश्वविद्यालय के गौरव को पुनर्स्थापित करने में सफल होंगे। -’ प्रो. एसआई रिजवी, डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट, इविवि