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ऑफलाइन पर झुका इविवि, एमएचआरडी के पत्र का इंतजार

Tue, 10 May 2016 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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आफलाइन के मुद्दे पर इविवि छात्रसंघ भवन पर आमरण अनशन पर बैठे छात्रनेताओं की मांगे माने जाने का भरोसा मिलने पर अनशन तोड़वाती विवि टीम की सदस्य। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सभी पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाओं में ऑफलाइन का विकल्प देने के मुद्दे पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन झुकने के लिए तैयार हो गया है, लेकिन इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के निर्देश का अब भी इंतजार है। हालांकि, कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलू का कहना है कि  मंत्रालय में उनकी बात हुई है। उधर, से ऑफलाइन के विकल्प दिए जाने का संकेत दिया गया है, लेकिन सोमवार रात नौ बजे तक कोई निर्देश नहीं मिला था। उनका कहना है कि सुबह तक मंत्रालय से कोई निर्देश मिलता है तो उसे लागू किया जाएगा। छात्राें से वार्ता के लिए पहुंचे शिक्षकों के लिखित आश्वासन के बाद छात्रों ने आमरण अनशन तोड़ दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की कई अन्य मांगें भी मान ली हैं। छात्र इसे बड़ी जीत के रूप में ले रहे हैं और उन्होंने परिसर में जुलूस भी निकाला।
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ऑफलाइन का विकल्प दिए जाने समेत विभिन्न मांग को लेकर छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह, उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, महामंत्री सिद्धार्थ सिंह गोलू, संयुक्त मंत्री श्रवण कुमार जायसवाल, मानस शर्मा, अजीत यादव विधायक, पवन, सद्दाम, सूर्य प्रकाश मिश्रा आदि ने बुधवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया था। हालत बिगड़ने पर पुलिस ने रविवार को आधी रात के बाद ऋचा को अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन अन्य अनशनकारी भाग गए थे। सोमवार को सुबह वे सभी फिर छात्रसंघ भवन पहुंच गए। सभी संगठन की बैठक में छात्रों ने सोमवार को आर-पार की लड़ाई की घोषणा की थी। इसके अनुसार विद्यार्थियों का छात्रसंघ भवन जमावड़ा भी हुआ। छह दिन तक चले अनशन के दौरान भाजपा, सपा, कांग्रेस, भाकपा समेत ज्यादातर दलों के सांसदों, विधायकों और नेताओं ने छात्रसंघ भवन पहुंचकर छात्रों का समर्थन किया था। भाजपा नेताओं का एक दल लगातार एमएचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी के भी संपर्क में रहा। इससे विश्वविद्यालय प्रशासन पर काफी दबाव बन गया था।

इस बाबत कुलपति के निर्देश पर डीन प्रोफेसर ए.सत्यनारायण, प्रोफेसर जगदीश नारायण, प्रोफेसर राकेश खन्ना, अध्यापक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर रामसेवक दुबे, डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर हर्ष कुमार, चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसरन एनके शुक्ला, प्रोफेसर एए फातमी, डॉ.पंकज कुमार, प्रोफेसर स्मिता अग्रवाल आदि की टीम ने छात्र नेताओं से वार्ता की। इसी दौरान भाजपा सांसद विनोद सोनकर का फोन छात्रों के पास पहुंचा। उनका कहना था कि वे इस समय मंत्रालय में ही हैं और स्मृति ईरानी ने ऑफलाइन का विकल्प दिए जाने समेत छात्राें की अन्य मांगें मान ली हैं। इस आशय का फैक्स भी विश्वविद्यालय में पहुंच गया है। इस पर शिक्षकों ने लिखकर दिया कि यदि मंत्रालय या यूजीसी से इस तरह का कोई निर्देश मिलता है तो विश्वविद्यालय प्रशासन उसे लागू कर देगा। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर एनके शुक्ला का कहना है कि मंत्रालय या यूजीसी से पत्र आने के बाद जल्द फैसला लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। शिक्षकों के साथ वार्ता में छात्रसंघ पदाधिकारियों और अनशनकारियों के अलावा विवेकानंद पाठक, जिया कौनैन रिजवी, अखिलेश गुप्ता, चंदन सिंह आदि छात्र शामिल रहे।
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