इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में विधि की प्रवेश परीक्षा कराने की तैयारी चल रही है। हालांकि इस पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है, लेकिन पिछले दिनों हुई प्रवेश प्रकोष्ठ की कोर कमेटी की बैठक में यह प्रस्ताव पारित हुआ था कि यूजी और पीजी के प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा विश्वविद्यालय अपने स्तर से कराएगा। अब कुलपति से इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार है।
चर्चा है कि जिन प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा कराए जाने पर सहमति बनी है, उनमें बीएएएलबी का पाठ्यक्रम भी शामिल है। इसके अलावा आठ से दस अन्य अन्य प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश के लिए परीक्षा कराने की तैयारी है। केंद्र सरकार ने इस बार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में संयुक्त रूप से प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। एनटीए ने अब तक प्रवेश परीक्षा का कार्यक्रम जारी नहीं किया है और न ही आवेदन की प्रक्रिया शुरू की है। स्थिति स्पष्ट न होने से इविवि में भी प्रवेश की प्रक्रिया फंसी हुई है और अगला सत्र समय से शुरू करने को लेकर चुनौती बढ़ गई है। ऐसे में इविवि प्रशासन कुछ प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में प्रवेश की तैयारी कर रहा है। शुक्रवार को इस पर अंतिम मुहर लग सकती है।
प्रवेश परीक्षा में देरी पर निदेशक से मिले छात्र
प्रयागराज। इविवि में प्रवेश प्रक्रिया में हो रही देरी के मुद्दे पर एनएसयूआई के छात्रों ने बृहस्पतिवार को प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. आईआर सिद्दीकी से मुलाकात की। निदेशक ने छात्रों को बताया कि एनटीए को कई बार पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन जवाब नहीं मिली। जल्द ही विश्वविद्यालय अपने स्तर से कोई निर्णय लेगा। इसके बाद छात्रों ने कुलानुशासक कार्यालय में ज्ञापन देकर स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्रों के लिए नए सत्र के संचालन के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करते की मांग की। छात्र परीक्षा नियंत्रक प्रो. रमेंद्र सिंह से भी मिले और प्रमोशन के परिणाम को अनियमित बताते हुए छात्रों को उचित अवसर देने की की मांग की। इस मौके पर इकाई अध्यक्ष अभिषेक द्विवेदी, सिद्धार्थ, अर्जुन, आवेश, मृदुल आदि मौजूद रहे।