असलहे दिल्ली से आए तो टीम क्यों नहीं गई जांच के लिए?
प्रकरण में एक सवाल हत्याकांड में प्रयुक्त प्रतिबंधित पिस्टलाें को लेकर भी है। शूटरों से बरामद जिगाना पिस्टल के संबंध में दिल्ली के गोगी गैंग का नाम सामने आया। सवाल यह है कि अगर ऐसी कोई भी जानकारी सामने आई तो क्या एसआईटी के सदस्य इसकी कड़ियां जोड़ने के लिए दिल्ली गए। कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, ऐसे में एसआईटी शूटरों के गोगी गैंग से कनेक्शन की बात नकार भी सकती है। फिर सवाल यह उठता है कि सात लाख रुपये मूल्य की तुर्किये में बनी पिस्टल आखिरकार बांदा, हमीरपुर और पानीपत में रहने वाले तीन बेहद लो प्रोफाइल अपराधियों के पास कैसे आई?